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छत्तीसगढ़ः शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले के स्कूलों में ‘Toilet’ पर संग्राम, छात्रों ने किया चक्काजाम

इनपुटः दिलीप शर्मा.

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले में शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर एक बार फिर सवालों के घेरे में है. दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में करीब 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन स्कूल में पर्याप्त शौचालय की सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने पर मंगलवार को छात्रों का सब्र टूट गया और वे दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग के बजरंग चौक पर सड़क पर बैठ गए.

सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा. प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विशेष रूप से छात्राओं को काफी परेशानी होती है. कई बार शिकायत और मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा.

छात्रों ने मौके पर अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को बुलाने की मांग की. सूचना मिलने पर पाटन तहसीलदार रसतोगी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की. उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और जल्द शौचालय निर्माण कराने का आश्वासन दिया. प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया.

बाउंड्रीवॉल की समस्या भी बनी हुई

सेलूद के उपसरपंच राकेश साहू ने बताया कि छात्र लंबे समय से शौचालय निर्माण की मांग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल में बाउंड्रीवॉल की समस्या भी है. अधिकारियों ने करीब 10 दिन के भीतर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है. तय समय में काम शुरू नहीं होने पर विद्यार्थियों के दोबारा आंदोलन करने की संभावना जताई गई है. गौरतलब है कि धमधा क्षेत्र में भी शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थी पहले सड़क पर उतर चुके हैं. ऐसे में शिक्षा मंत्री के गृह जिले में स्वामी आत्मानंद जैसे उत्कृष्ट विद्यालय में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ा, जिससे सरकारी दावों और जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. अब प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर है.

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