छत्तीसगढ़ के गुरूजी उतरे सड़कों पर, कलेक्टोरेट का किया घेराव… आंदोलन की चेतावनी

धमतरी में भी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक सड़क पर उतरे. शिक्षकों ने जनपद तिराहा से पैदल रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे.

इनपुटः अभिषेक मिश्रा.

धमतरी में भी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक सड़क पर उतरे. शिक्षकों ने जनपद तिराहा से पैदल रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे. यहां शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों के जल्द निराकरण की मांग की.

शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि प्रदेश के शिक्षकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इन्हीं मांगों को लेकर शिक्षकों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की.

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में TET की अनिवार्यता को समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, पूर्व सेवा गणना, केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन विसंगति दूर करना, राजपत्र संशोधन और ब्रिज कोर्स से बीएड प्रशिक्षण शामिल हैं. ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि पूर्व सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ दिए जाएं. वहीं केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण कर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी रखी गई है.

शिक्षकों ने राजपत्र में आवश्यक संशोधन करने और शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षण कराने की मांग भी की है. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा. शिक्षकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकालने की अपील की है.

ये खबर भी जरूर पढ़ेंः छत्तीसगढ़ः विभाग ने दिया शिक्षक दूत का सम्मान, लेकिन गुरूजी तो निकले ‘शराबी’

ज़रूर पढ़ें