महादेव सट्टा ऐप का सरगना सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, CBI को मिली दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
सौरभ चंद्राकर
रायपुर. हजारों करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी खबर सामने आई है. इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद भारत लाया गया है. सीबीआई ने उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से जांच एजेंसी को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है. (Saurabh Chandrakar Arrested Raipur)
कभी भिलाई में जूस कॉर्नर चलाने वाला सौरभ चंद्राकर आखिर कैसे ऑनलाइन सट्टे की दुनिया में दाखिल हुआ? कैसे उसने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क खड़ा किया और देखते ही देखते हजारों करोड़ रुपये के कारोबार से जुड़ गया?
सौरभ चंद्राकर का छत्तीसगढ़ के भिलाई से गहरा नाता रहा है. बताया जाता है कि सट्टे की लत ने उसे इस अवैध कारोबार की दुनिया में पहुंचाया. कोरोना काल में जब ऑफलाइन सट्टे का कारोबार प्रभावित हुआ, तब उसने ऑनलाइन सट्टे का तरीका सीखा. इसके लिए वह हैदराबाद पहुंचा, जहां रेड्डी अन्ना सट्टा ऐप से जुड़े कामकाज की जानकारी हासिल की.
इसके बाद सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर अपना महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप लॉन्च किया और दुबई को अपना ठिकाना बनाकर नेटवर्क का विस्तार किया. देखते ही देखते इस ऐप का नेटवर्क देश ही नहीं, विदेशों तक फैल गया.
महादेव सट्टा ऐप के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से हुई थी. दुर्ग के मोहन नगर थाने में सौरभ चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. इसके बाद दुर्ग पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया. करोड़ों रुपये की रकम भी होल्ड कराई गई.
मामले की गंभीरता और कथित हजारों करोड़ रुपये के कारोबार का खुलासा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने जांच शुरू की. वहीं, सीबीआई भी इस मामले की जांच में जुट गई. सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद भी वह विदेश में रहकर कथित तौर पर इस नेटवर्क का संचालन करता रहा.
लेकिन अब ओमान में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाया गया है. दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई उससे पूछताछ कर मामले की कई अहम कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी.