Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट से कांग्रेस को झटका, IT की कार्रवाई के खिलाफ दायर की गई याचिका को अदालत ने किया खारिज

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. अदालत ने कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने खिलाफ चार साल के लिए पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही पर आयकर विभाग के आदेश को चुनौती दी थी.

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी की याचिका को किया खारिज

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. दरअसल, अदालत ने पार्टी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने खिलाफ चार साल के लिए पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही पर आयकर विभाग के आदेश को चुनौती दी थी.  इससे पहले कोर्ट ने साल 2014 से लेकर साल 2017 तक के पुनर्मूल्यांकन के खिलाफ कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था.

न्यायमूर्ति यशवन्त वर्मा और न्यायमूर्ति पुरूषेन्द्र कुमार कौरव की खंडपीठ ने कांग्रेस द्वारा अपने पहले के फैसले के समान शर्तों पर दायर चार याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें तीन साल के लिए पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के संबंध में राजनीतिक दल की समान याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था.

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अदालत ने याचिक खारिज करते हुए क्या कहा था? 

बताते चलें कि इससे पहले 25 मार्च को दिल्ल उच्च न्यायालय ने कांग्रेस द्वारा दायर तीन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि राजनीतिक दल ने मूल्यांकन पूरा होने का समय समाप्त होने से कुछ दिन पहले और कार्यवाही के अंतिम चरण में अदालत का रुख करने का विकल्प चुना था. इसमें कहा गया था कि ऐसा प्रतीत होता है कि आयकर अधिकारियों ने आयकर अधिनियम के तहत कांग्रेस की आय की आगे की जांच और जांच के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत जुटाए हैं.

वहीं, अदालत ने 8 मार्च को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें मूल्यांकन वर्ष 2018-19 के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया कर की वसूली के लिए राजनीतिक दल को जारी मांग नोटिस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था.

हालांकि, इसने कांग्रेस को इस बीच हुए घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए आईटीएटी के समक्ष रोक के लिए एक नया आवेदन दायर करने की स्वतंत्रता दी, जिसमें कर अधिकारियों द्वारा बैंक ड्राफ्ट नकदीकरण के अनुसार 65.94 करोड़ रुपये की वसूली भी शामिल है. पीठ ने कहा था कि कांग्रेस का आवेदन, यदि दायर किया गया है, तो आईटीएटी द्वारा उचित शीघ्रता से विचार किया जा सकता है.

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