Delhi Liquor Scam: अरविंद केजरीवाल को दिल्ली HC से झटका, गिरफ्तारी के खिलाफ अर्जी पर तुरंत सुनवाई से कोर्ट का इनकार

Delhi Liquor Scam: अरविंद केजरीवाल ने दलील दी है कि उनकी गिरफ्तारी और रिमांड का आदेश दोनों अवैध हैं. उन्होने कहा कि वह तुरंत हिरासत से रिहा होने के हकदार हैं.

Delhi Liquor Scam, CM Arvind Kejriwal

सीएम अरविंद केजरीवाल

Delhi Liquor Scam: दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED की ओर से सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का मुद्दा तूल पकड़ते ही जा रहा है. अब इस मामले पर केजरीवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने दिल्ली शराब घोटाला मामले में अपनी गिरफ्तारी और पीएमएलए कोर्ट के रिमांड के आदेश को चुनौती दी है. अरविंद केजरीवाल ने दलील दी है कि उनकी गिरफ्तारी और रिमांड का आदेश दोनों अवैध हैं. उन्होने कहा कि वह तुरंत हिरासत से रिहा होने के हकदार हैं. साथ ही केजरीवाल की ओर से चीफ जस्टिस से 24 मार्च, रविवार तक तत्काल सुनावाई की मांग भी की गई है. वहीं अब कोर्ट में तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट में अब 27 मार्च के बाद सुनवाई हो सकती है.

राउज एवेन्यू कोर्ट से मिला था झटका

शुक्रवार, 22 मार्च को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया था. शराब घोटाला मामले में कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 28 मार्च तक ED की हिरासत में भेज दिया था. इसके पहले 21 मार्च को उनकी गिरफ्तारी के बाद 22 मार्च को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां करीब 3 घंटे तक चली बहस के दौरान ED केजरीवाल की 10 दिन की हिरासत मांगी थी.

दिल्ली शराब घोटाले के सरगना- ED

ED ने कोर्ट में दावा किया था कि केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले के सरगना हैं. ED की ओर से दावा किया गया कि केजरीवाल दिल्ली शराब नीति को बनाने में सीधे तौर पर शामिल थे. केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति में रिश्वत लेने के लिए कुछ खासों लोगों का फेवर किया. इससे मिले पैसों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा के विधानसभा चुनावों में किया. कोर्ट में ED का पक्ष रख रहे ASG राजू ने कहा था कि इस मामले में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी इस मामले में मुख्य भूमिका निभाई है.

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‘इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट किया’

ED ने कोर्ट में दावा किया था कि घोटाले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भारी मात्रा में नष्ट किया गया. आरोपियों की ओर से बड़ी संख्या में फोन नष्ट किए गए और फॉर्मेट किए गए. इससे जांच एजेंसी के लिए जांच करना मुश्किल हो गया, फिर भी एजेंसी ने खुलासा करने का अद्भुत काम किया. ED ने कहा कि दो बार कैश ट्रांसफर किया गया. बुची बाबू के जरिए पहले 10 करोड़ और फिर 15 करोड़ भेजे गए.

 

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