Delhi Liquor Scam: अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, कोर्ट ने 28 मार्च तक ED की रिमांड पर भेजा

Delhi Liquor Scam: बीते दिन उनकी गिरफ्तारी के बाद आज उन्हें दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोपहर 2.20 बजे सुनवाई शुरू हुई.

Delhi Liquor Scam, Arvind Kejriwal

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

Delhi Liquor Scam: शुक्रवार, 22 मार्च को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. शराब घोटाला मामले में कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 28 मार्च तक ED की हिरासत में भेज दिया है. बीते दिन उनकी गिरफ्तारी के बाद आज उन्हें दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोपहर 2.20 बजे सुनवाई शुरू हुई. करीब 3 घंटे तक चली बहस के दैरान ED ने ED ने कोर्ट के सामने 28 पेजों की दलीलें पेश करते हुए केजरीवाल की 10 दिन की हिरासत मांगी थी.

दिल्ली शराब घोटाले के सरगना- ED

ED ने कोर्ट में दावा किया कि केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले के सरगना हैं. ED की ओर से दावा किया गया कि केजरीवाल दिल्ली शराब नीति को बनाने में सीधे तौर पर शामिल थे. केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति में रिश्वत लेने के लिए कुछ खासों लोगों का फेवर किया. इससे मिले पैसों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा के विधानसभा चुनावों में किया. कोर्ट में ED का पक्ष रख रहे ASG राजू ने कहा कि इस मामले में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी इस मामले में मुख्य भूमिका निभाई.

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‘इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट किया’

ED ने कोर्ट में दावा किया था कि घोटाले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भारी मात्रा में नष्ट किया गया. आरोपियों की ओर से बड़ी संख्या में फोन नष्ट किए गए और फॉर्मेट किए गए. इससे जांच एजेंसी के लिए जांच करना मुश्किल हो गया, फिर भी एजेंसी ने खुलासा करने का अद्भुत काम किया. ED ने कहा कि दो बार कैश ट्रांसफर किया गया. बुची बाबू के जरिए पहले 10 करोड़ और फिर 15 करोड़ भेजे गए. ED ने दावा किया कि केजरीवाल पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव के लिए फंड चाहते थे. ऐसे में गोवा चुनाव में 45 करोड़ रुपए इस्तेमाल किया गया. ED की ओर से कहा गया कि केजरीवाल ‘AAP’ के मुखिया हैं और शराब नीति अरविंद, मनीष और संजय सिंह ने लागू की.

अभिषेक मनु सिंघवी ने किया विरोध

वहीं अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उनका पक्ष रख रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि रिमांड यूं ही नहीं मिल जाती. इसके लिए कोर्ट को साबित करना पड़ता है. ED साबित करे कि आखिर केजरीवाल की गिरफ्तारी की जरूरत क्यों है? उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक पार्टी के टॉप 4 नेताओं की गिरफ्तारी हुई है. मौजूदा मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी हुई. भारत के इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा सीएम को गिरफ्तार किया गया.उन्होंने दावा कि ऐसा लगता है जैसे पहला वोट डालने से पहले ही आपको नतीजे पता चल गए हैं.

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