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पैलेट गन पर बैन लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार,  सरकार से किस बात का मांगा जवाब?

Supreme Court (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट(File Photo)

Jantar Mantar Pellet Gun: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 40 द‍िनों तक प्रदर्शन चला. इस प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को संसद मार्च किया गया. इसी दौरान आरोप लगाया गया कि पुलिस ने छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया. इसको लेकर राहुल गांधी ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला है. पूरे मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रोटोकॉल बनाया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन पर बैन लगाने से इनकार कर द‍िया है.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस विशेष स्थितियों में पैलेट गन का इस्तेमाल कर सकती है.  कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि प्रदर्शन में घायल सभी लोगों को अच्छी और पूरी चिकित्सा सुविधा दी जाए.

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई विरोध-प्रदर्शन शरारती तत्वों के कब्जे में आकर हिंसक हो जाए तो पुलिस को पैलेट गन इस्तेमाल करने से कैसे रोका जा सकता है? मतलब कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कोर्ट ने कहा कई जगहों पर पैलेट गन का यूज करना सुरक्षा बल की भी मजबूरी हो जाती है.  

किसने लगाई थी यह याचिका?

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी  की तरफ से लगाई गई थी. याचिका में उन्‍होंने मांग की थी कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के कारण कई बच्चे बुरी तरह से घायल हुए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से भी पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. इसके अलावा जंतर मंतर पर इस्तेमाल हुए गोला-बारूद का पूरा रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया है.

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