पूर्व CM सिद्धारमैया के खिलाफ स्टिंग की साजिश? कुमारस्वामी के घर पहुंचा था वीडियो बनाने वाला फोन
सिद्धारमैया और कुमारस्वामी
Siddaramaiah Sting Operation Case: कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कथित स्टिंग ऑपरेशन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. यही वजह है कि सियासी गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है. पुलिस की तरफ से दावा किया गया कि जिस मोबाइल का यूज वीडियो बनाने में किया गया वह दिल्ली से खरीदा गया था. इसके बाद उसे केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के सरकारी आवास पर पहुंचाया गया था. इस खुलासे के बाद कांग्रेस और जेडीएस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार रितेश पांडे ने पूछताछ की गई. जिसमें उसने कई बातें बताई हैं. उसके बयान के अनुसार, उसने विनोद शर्मा के साथ मिलकर दिल्ली के करोल बाग से मोबाइल फोन खरीदा था.
फोन खरीदने के बाद में दोनों ने यह फोन प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया. पुलिस का दावा है कि यह काम प्रज्वल प्रसाद के कहने पर किया गया था. फोन कुमारस्वामी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पहुंचाया गया था.
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, सितंबर में सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सिद्धारमैया के खिलाफ दो वीडियो सामने आए थे. इन वीडियो में मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके बाद सिद्धारमैया ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया था.साथ ही साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.
मामले की जांच बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) कर रही है. पुलिस ने रितेश पांडे को 24 अक्टूबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था. वहीं, विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं. दोनों फिलहाल पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं. उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है.
कुमारस्वामी ने पुलिस पर उठाए सवाल
पुलिस आयुक्त के बयान पर एचडी कुमारस्वामी ने नाराजगी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं. उनके खिलाफ सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुमारस्वामी ने कहा कि वह जल्द ही मामले से जुड़े तथ्यों का खुलासा करेंगे.
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