UGC के नए नियमों को RSS ने बताया असंतुलित, सरकार से की बदलाव की मांग
सुनील आंबेकर
UGC Equity Regulations: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने UGC के नए नियमों को असंतुलित बताया है. संघ का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए जाने वाले नियम ऐसे होने चाहिए, जिनसे समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संतुलन और आपसी भाईचारा बना रहे. RSS ने सरकार से इन नियमों में बदलाव करते समय सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखने की अपील की.
यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो रही हैं. UGC के नए नियम राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन नियमों को लेकर पहले भी विरोध और विवाद देखने को मिला है.
UGC पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने क्या कहा?
दरअसल, RSS के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शनिवार को इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखी. वह संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.
जब उनसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियम, 2026’ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि RSS पहले ही इस सर्कुलर को असंतुलित बता चुका है. उन्होंने यह तक कह दिया कि सरकार को इस पर विचार करनी चाहिए.
आंबेकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों पर रोक लगा दी है, मामला अदालत में विचाराधीन है. ऐसे में आगे जो भी फैसला लिया जाए, वह संतुलित होना चाहिए. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियम बनाते समय समाज के अलग-अलग पक्षों की चिंताओं का ध्यान रखा जाए.
29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक
UGC ने 13 जनवरी 2026 को नए नियमों की अधिसूचना जारी की थी. इन नियमों को लेकर विवाद और विरोध शुरू होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन नियमों पर रोक लगा दी थी. इसके साथ ही अगले आदेश तक 2012 के पुराने नियमों को लागू रखने का निर्देश दिया था.
ये भी पढ़ें: यूपी चुनाव में BJP का बिहार फॉर्मूला, अखिलेश-मुलायम के पुराने शासन को फिर बनाएगी बड़ा मुद्दा