Bombay High Court: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) परिसर में संचालित खाने-पीने के ठिकानों पर पिछले दिनों बड़ी कार्रवाई देखने को मिली थी. यहां फूड लाइसेंस सस्पेंड करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नियमों को लागू करना जरूरी है, लेकिन किसी भी कार्रवाई में संतुलन और परिस्थितियों की गंभीरता का ध्यान रखा जाना चाहिए. इसी दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि ‘मच्छर मारने के लिए तलवार नहीं चलानी चाहिए.’
दरअसल, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने MCA परिसर में मौजूद फूड आउटलेट्स की जांच के बाद 21 अगस्त को उनके लाइसेंस सस्पेंड कर दिए थे. इस फैसले को MCA ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 25 अगस्त को इन प्रतिष्ठानों की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए थे.
दोबारा जांच में मिली बेहतर स्थिति
कोर्ट के आदेश पर हुई नई जांच की रिपोर्ट 29 अगस्त को पेश की गई. रिपोर्ट में सामने आया कि संबंधित खाने-पीने के प्रतिष्ठान करीब 98 प्रतिशत तक निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं. इसके बाद हाईकोर्ट ने FDA को निर्देश दिया कि पहले जारी किए गए लाइसेंस निलंबन के आदेश वापस लिए जाएं.
अदालत ने अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए और पूछा कि कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का सही तरीके से पालन क्यों नहीं किया गया. बेंच ने संकेत दिया कि अधिकारियों को किसी भी कठोर कदम से पहले पूरे मामले और नियमों की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए.
अधिकारियों को कोर्ट की सख्त फटकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित अधिकारी के फैसले लेने के तरीके पर भी कड़ी टिप्पणी की. बेंच ने कहा कि अधिकारी कानून और नियमों को ठीक से समझे बिना सीधे कार्रवाई कर देते हैं. अदालत ने यहां तक सवाल किया कि क्या अधिकारी खुद को कानून से ऊपर मानते हैं.
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