rahul gandhi: दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के बीच NSUI के कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हिरासत में लेने के दौरान उनके साथ सख्ती की गई. एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके सिर पर डंडा मारा और चेहरे को नोंच दिया. कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के साथ आकर पुलिस जो उनके साथ किया है वह प्रेस कांफ्रेंस में बताया है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, यह भारत है. अमित शाह , इसे ध्यान से देखिए. यहां न कोई हिंदू है, न मुसलमान, न किसी खास जाति का व्यक्ति; न कोई महिला है, न पुरुष. यहां सिर्फ़ एक आवाज़ है, एक विरोध है. यह भारत की आवाज़ है, और आप इस आवाज़ के खिलाफ खड़े हैं.
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "As I said in my press conference, this is India. Amit Shah ji, take a good look at this. There is no Hindu here, no Muslim, no one of any specific caste; there is no woman, no man. There is one voice, one protest. It is the voice of India, and you are standing against this voice—the Prime Minister is standing against this voice. I suggest to you: do not stand against this voice. No one can stand against this voice. To the police personnel, I have told all the students to keep a video record and send that evidence to us. When this entire matter concludes, we will utilize all that evidence and ensure that everyone who needs to be punished is punished, from PM Narendra Modi, Gyanesh Kumar, Amit Shah, and even the constable who is raising a hand against our children…."
— ANI (@ANI) October 14, 2026
आगे कहा कि प्रधानमंत्री इस आवाज़ के खिलाफ खड़े हैं. मेरी सलाह है: इस आवाज़ के ख़िलाफ़ खड़े न हों. कोई भी इस आवाज़ के खिलाफ नहीं टिक सकता है. मैंने सभी छात्रों से कहा है कि वे वीडियो रिकॉर्डिंग रखें और वह सबूत हमें भेजें. जब यह पूरा मामला खत्म हो जाएगा, तो हम उन सभी सबूतों का इस्तेमाल करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों को सजा मिलनी चाहिए. उन्हें सज़ा मिले चाहे वह पीएम नरेंद्र मोदी हों, ज्ञानेश कुमार हों, अमित शाह हों, या फिर वह कॉन्स्टेबल ही क्यों न हो जो हमारे बच्चों पर हाथ उठा रहा है.
पुलिस वालों ने प्राइवेट पार्ट्स पर भी मारा- अतीरा
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में कई एनएसयूआई के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए थे. उसी में शामिल अतीरा ने बताया कि वह एक काम से सुन नहीं सकती हैं. जिस बस में उन्हें डिटेन कर ले जाया गया था. उसमें कोई भी महिला पुलिसकर्मी नहीं थी.
कनॉट प्लेस से महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव बस में आई, वहीं चंचल मुझे बाद में स्टेशन के बेसमेंट में ले गई. जहां पर सीसीटीवी नहीं लगे हैं. वहां उसने मुझे पहले मुक्के से मारा और गालियां दीं. जिसके निशान आज भी मेरे मुंह और आंख पर हैं. उसने मेरे प्राइवेट पार्ट्स पर भी मारा है.
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