Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में नागौर के बरण गांव का सरपंच चुनाव सुर्खियों में है. क्योंकि यहां पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल परिवार से दो महिलाओं ने भी नामांकन दाखिल किया था. सरपंच चुनाव का परिणाम काफी चौंकाने वाला रहा, क्योंकि हनुमान बेनीवाल की दो भाभियों में बड़ी भाभी को सिर्फ 21 वोट मिले, तो वहीं छोटी भाभी ने 982 वोट पाकर जीत दर्ज कर ली. दोनों भाभियों के मतों का अंतर सुर्खियों में है. इस चुनाव में हनुमान बेनीवाल मतदान करने ही नहीं पहुंचे थे.
बता दें, हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई रामप्रसाद बेनीवाला काफी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे. उनकी मौत होने के बाद पत्नी मीरा अपनी किस्मत आजमाने चुनावी मैदान में उतर गईं, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया. मीरा के सामने उनकी देवरानी राजबाला पत्नी प्रेमसुख बेनीवाल चुनावी मैदान में रहीं, जिन्होंने जीत दर्ज की. लेकिन दोनों के बीच मुकाबले के अंतर ने चर्चा का विषय बना दिया.
हनुमान बेनीवाल ने नहीं किया मतदान
एक तो नागौर सांसद का परिवार और दूसरा देवरानी-जेठानी के वोटों के अंतर की वजह से यह मामला सुर्खियों में है. इस चुनाव में हनुमान बेनीवाल ने किसी प्रत्याशी की मदद नहीं की. बल्कि चुनाव से दूरी बनाए रखी. जानकारी के अनुसार, हनुमान बेनीवाल नहीं चाहते थे कि कोई उनके परिवार का सदस्य चुनावी मैदान में उतरे. वे चाहते थे कि इस चुनाव में गांव के दूसरे लोगों को मौका मिले. इसी वजह से उन्होंने मतदान तक नहीं किया.
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पति रहे 25 सालों तक सरपंच, फिर भी करारी हार
हैरानी की बात रही कि गांव के लोगों ने जिन्हें 25 सालों तक अपना मुखिया माना. उनकी मौत के बाद पत्नी को सिर्फ 21 वोट मिले. जबकि उनकी ही देवरानी को एकतरफा जीत मिली. मीरा बेनीवाल की हार और राजबाला की जीत की चर्चा अब जोरों से हो रही है.
