Sushmita Dev Rajya Sabha Resignation: ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी में टूट थमने का नाम नहीं ले रही है. एक के बाद एक नेता उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. सुष्मिता देव ने साल 2021 में ही टीएमसी का दामन थामा था. हालांकि उनका यह साथ महज 5 साल का ही रहा है. इससे पहले वो कांग्रेस के साथ रहकर काम कर रही थीं. उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
सांसद सुष्मिता देव से पहले भी कई सांसद ममता बनर्जी और टीएमसी का साथ छोड़ चुके हैं. इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया था. कई नेताओं ने आरोप लगाए कि अब पार्टी पहले की तरह नहीं रही है. यही वजह है कि अब पार्टी के नेता साथ छोड़ते जा रहे हैं.
कौन हैं सुष्मिता देव?
सुष्मिता देव को ममता बनर्जी का बेहद खास माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यही वजह है कि ममता ने सुष्मिता देव को कई बड़े पदों पर काम करने का मौका दिया. हालांकि सुष्मिता देव टीएमसी से पहले कांग्रेस में रहकर राजनीति किया करती थीं, असम के सिलचर से कांग्रेस की लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं. 2019 के हुए लोकसभा चुनाव में सुष्मिता देव को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उन्हें टीएमसी ने राज्यसभा भेजा था.
तृणमूल कांग्रेस में नही थम रही टूट
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की अपनी पार्टी पर पकड़ कमजोर होती जा रही है. विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद से ही नेता ममता और टीएमसी का साथ छोड़ते जा रहे हैं. एक हफ़्ते के अंदर TMC से यह दूसरा इस्तीफा है.
इससे पहले पार्टी को तब बड़ा झटका लगा था जब 13 साल तक पार्टी के चीफ व्हिप रहे सुखेंदु शेखर रॉय ने ममता बनर्जी को एक तीखा पत्र लिखने के बाद पार्टी छोड़ दी थी. तो वहीं दूसरी तरफ 20 से ज्यादा सांसद अपना अलग गुट बनाने की कवायत कर रहे हैं.
