ममता बनर्जी ने कहा कि हमको ये ध्यान देने की जरूरत है कि सुरक्षा बल ड्यूटी के बाद मशीन ना बदलने पाएं. ममता ने अपील करते हुए कहा कि मतदान के बाद भी हमको ईवीएम की निगरानी करनी होगी, जिससे कि कोई भी गड़बड़ी ना की जा सके.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है.
Bengal Election 2026: बंगाल में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या चौथी बार भी ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की सत्ता में वापसी होगी. मतदान से पहले वोटवाइव (Votevibe) ने सर्वे किया है.
Bengal Election 2026: ममता की पार्टी टीएमसी ने अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. 291 सीटों पर उतारे गए प्रत्याशियों में से करीब 18 प्रतिशत यानी कि कुल 47 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं. जबकि ममता के सामने मुख्य रूप से चुनौती देने वाले दल ने एक भी मुस्लिमों को टिकट नहीं दिया है.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने 294 में से 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. जबकि 3 सीटें सहयोगी दल बीजीपीएम को दी हैं. टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगीं. भवानीपुर से बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है.
रविवार को चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनावों का ऐलान किया है. इनमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हम बार-बार टीएमसी सरकार को चिट्ठी लिखते हैं. मुख्यमंत्री चिट्ठी नहीं पढ़ती हैं, लेकिन कम से कम अफसरों को तो पढ़ने दो. टीएमसी सरकार के कारण पश्चिम बंगाल के मछुआरों को पीएम मत्स्य योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.'
Amit Shah in Kolkata: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के कोलकाता दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने प्रेसवार्ता कर घुसपैठियों को लेकर टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला.
ममता ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, 'अगर एसआईआर का उद्देश्य घुसपैठियों को रोकने के लिए है तो फिर इसे बीजेपी शासित राज्यों में क्यों किया जा रहा है. ये देशव्यापी बीजेपी की चाल है.'
कोलकाता के धर्मतला में हो रही इस महारैली में 1 लाख से ज़्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है. धर्मतला ममता के लिए भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण जगह है, क्योंकि यहीं पर 1993 में वो खूनी संघर्ष हुआ था. हालांकि, इस बार रैली को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला भी गया था.