Lok Sabha Election 2024: परिवार की लड़ाई… सियासत में आई, तीन घरों में सियासी दुश्मन, चुनाव में होगी ‘फैमिली फाइट’

Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का नामांकन शुरू हो गया है. इसके साथ ही कुछ सियासी परिवार के लोग अब आपस में भीड़ गए हैं.

Family Fight

तीन राज्यों में परिवार की लड़ाई

Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव का मौहाल पूरे शबाब पर है. इस बार लोकसभा चुनाव में मुख्य मुकादला पर एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच है. लेकिन इन दोनों गठबंधनों के बीच की लड़ाई में देश के अलग-अलग राज्यों के पुराने सियासी परिवार घर में ही एक-दूसरे के सियासी दुश्मन बन गए हैं. ऐसे महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में होता अभी नजर आ रहा है.

दरअसल, महाराष्ट्र की बारामंती सीट से शरद पवार की बेटी सुप्रीया सुले मौजूदा वक्त में सांसद हैं. इस बार के चुनाव में फिर से वह इसी सीट पर चुनाव लड़ेंगी. बारामंती सीट पवार परिवार का गढ़ रही है. लेकिन इस बार बारामंती में पवार परिवार के बीच ही सियासी जंग होगी. इसी सीट पर एनडीए उम्मीदवार के तौर पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार भी चुनाव लड़ रही हैं.

पासवान परिवार की कलह

दूसरी ओर बीते दिनों ऐसी ही कुछ बिहार में नजर आया है. जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के परिवार में सियासी जंग किसी से छीपी नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच सियासी जंग जग जाहिर है. दोनों के बीच अब भी हाजीपुर सीट को लेकर रार जारी है. हाजीपुर से चिराग पासवान चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

हालांकि चिराग पासवान के सामने बार-बार चुनौती पेश कर रहे पशुपति कुमार पारस के तेवर अभी तक नरम नहीं पड़े हैं. सूत्रों की मानें तो वह हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. लेकिन अगर बीते सालों के दौरान भी देखें तो दोनों ही खेमे में इसी सीट को लेकर जुबानी जंग चली रही है.

सोरेन परिवार में चुनौती

अब बात झारखंड की करते हैं, बीते महीने ईडी ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद अब हेमंत सोरेन के साथ मुश्किल वक्त में परिवार की सियासी जंग भी एक चुनौती बन गई है. उनकी भाभी सीता सोरेन ने बीते दिनों पार्टी से इस्तीफा दिया और बीजेपी में शामिल हो गईं.

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अब सीता सोरेन बीजेपी के टिकट पर दुमका सीट से चुनाव लड़ रही हैं. जबकि 1980 से इस सीट पर सोरेन परिवार का कब्जा रहा है. झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन खुद आठ बार यहां से सांसद रहे चुके हैं. अब इस सीट पर हेमंत सोरेन या उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के चुनाव लड़ने की चर्चा है. यानी इस सीट पर भी परिवार के बीच सियासी जंग तय है.

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