Monsoon Food Safety Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान खाने-पीने का खास ध्यान रखना चाहिए. उमस और नमी के कारण भोजन में बैक्टीरिया बहुत जल्दी फैलते हैं, जिससे खाना खराब होने का डर रहता है. इस मौसम में पानी भी आसानी से गंदा हो जाता है, इसलिए बाहर का खुला खाना, बासी भोजन या अधपका खाना खाने से पेट की बीमारियां हो सकती हैं. अगर खाने में गड़बड़ी से फूड पॉइजनिंग हो जए, तो उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, शरीर में कमजोरी और बुखार जैसी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सेहत रहने के लिए किन बातों का ध्यान रखें.
हाथों और रसोईघर की स्वच्छता
खाना पकाने और भोजन करने से पहले साबुन-पानी से अच्छी तरह हाथ धोना सेहत के लिए सबसे जरूरी आदत है. इसके अलावा, शौचालय का उपयोग करने के बाद बाहर से लौटने पर या फिर कच्ची सब्जियां और मांस छूने के बाद भी अपने हाथ अवश्य साफ करें.
कच्चे और पके खाने को अलग रखना
कच्चे मांस, चिकन, मछली और अंडों में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं जो दूसरे खाने को खराब कर सकते हैं. इसलिए इन चीजों को काटने के लिए इस्तेमाल किए गए चाकू और कटिंग बोर्ड को बिना धोए पके हुए भोजन पर दोबारा इस्तेमाल न करें. सुरक्षा के लिहाज से फ्रिज के अंदर भी कच्चे खाद्य पदार्थों को हमेशा बंद डिब्बों में पके हुए भोजन से अलग रखना चाहिए.
भोजन को पूरी तरह से पकाएं
धपका खाना मानसून के मौसम में आपकी सेहत बिगाड़ सकता है. इसलिए मांस, चिकन, मछली और अंडों को हमेशा अच्छी तरह से पकाकर ही खाएं. अगर आप फ्रिज में रखा हुआ बचा भोजन दोबारा खा रहे हैं, तो उसे पहले तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म कर लें.
खाने को ज्यादा देर बाहर न छोड़ें
बारिश के दिनों में उमस के कारण पका हुआ भोजन जल्दी खराब होता है. ऐसे मौसम में खाने को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर खुला या बाहर छड़ने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं. इसलिए पका हुआ खाना और जल्दी खराब होने वाली चीजें समय पर फ्रिज में रख दें. ध्यान रखें कि फ्रिज में रखने के बाद भी खाना बहुत दिनों तक सुरक्षत नहीं रहता, इसलिए बासी भोजन खाने से बचें.
