RLD में शामिल होने के बाद Malook Nagar को मिला गिफ्ट, जयंत चौधरी ने बनाया पार्टी का महासचिव

मलूक नागर ने कहा, "पिछले 39 सालों में यह पहली बार है कि मैं न तो एमपी का चुनाव लड़ रहा हूं और न ही एमएलए का, लेकिन मैं देश के लिए काम करना चाहता हूं, इसलिए आज मैंने बीएसपी छोड़ने का फैसला किया है."
Malook Nagar

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Malook Nagar: जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हुए मलूक नागर को शुक्रवार को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया. नागर गुरुवार को जयंत चौधरी की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हुए थे. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर से लोकसभा सदस्य नागर ने बसपा छोड़ दी और घोषणा की कि वह क्षेत्र में रालोद उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे. नागर ने 2019 का लोकसभा चुनाव बसपा के उम्मीदवार के रूप में जीता था.

मलूक नागर ने कहा, “पिछले 39 सालों में यह पहली बार है कि मैं न तो एमपी का चुनाव लड़ रहा हूं और न ही एमएलए का, लेकिन मैं देश के लिए काम करना चाहता हूं, इसलिए आज मैंने बीएसपी छोड़ने का फैसला किया है. यह एक सोचा-समझा फैसला है.” जयंत चौधरी ने नागर की कलाई पर किसानों और खेतों से उनके जुड़ाव का प्रतीक हरा धागा बांधकर रालोद में उनका स्वागत किया. चौधरी ने कहा कि नागर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे और क्षेत्र में राजग को मजबूत करेंगे.

बीएसपी में पलायन जारी

बता दें कि नागर के बीएसपी छोड़ने से पहले अंबेडकर नगर से रितेश पांडे, लालगंज से संगीता आज़ाद और ग़ाज़ीपुर से अफ़ज़ल अंसारी ने पार्टी का साथ छोड़ा था. इन सभी को नए राजनीतिक घर मिल गए हैं. बताया जा रहा है कि मलूक ने बिजनौर से टिकट नहीं देने से नाराज होकर पार्टी छोड़ी है. हालांकि, अब उन्होंने अपने लिए राजनीतिक रास्ते तैयार कर लिये हैं. मायावती को लिखे पत्र में मलूक ने वर्तमान राजनीतिक माहौल और अन्य कारकों का हवाला दिया है.

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उत्तर प्रदेश में चुनावी हलचल

उत्तर प्रदेश में 80 संसदीय सीटों के साथ, राज्य राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पिछले चुनावों में बसपा और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन किया था और कई मोर्चों पर जीत हासिल की थी. हालांकि, चुनाव के बाद दोनों पार्टियों ने अलग होने का फैसला किया. इस बार के चुनाव से पहले मायावती को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. देशभर में सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे. चुनाव आयोग के मुताबिक, 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को मतदान होगा और 4 जून को गिनती होगी.

 

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