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MP News: जबलपुर में बंगाली क्लब की स्थापना के 100 साल पूरे, विशेष आयोजन किया गया, ‘टाइम कैप्सूल’ को स्थापित किया गया

A time capsule was buried underground to mark the 100th anniversary of the establishment of the Bengali Club.

बंगाली क्लब की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर टाइम कैप्सूल भूमिगत किया गया.

MP News: भारतीय संस्कृति सभ्यता और आध्यात्मिकता को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने के लिए टाइम कैप्सूल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए जबलपुर के प्रतिष्ठित सिटी बंगाली क्लब द्वारा संस्था के 100 साल पूरे होने पर एक काल पात्र यानी टाइम कैप्सूल को भूमिगत किया गया.

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर टाइम कैप्सूल स्थापित

दरअसल संस्कारधानी जबलपुर में सिटी बंगाली क्लब द्वारा पश्चिम बंगाल की संस्कृति और सभ्यता को जबलपुर में भी जीवित रखा गया है. बंगाल समाज के लोगों द्वारा हर साल मां दुर्गा की विशेष प्रतिमा स्थापित की जाती है. पूरे बंगाली समाज द्वारा बंगाली रीति रिवाज से मां दुर्गा की पूजा होती है. संस्कारधानी के प्रतिष्ठित सिटी बंगाली क्लब की स्थापना के 100 साल पूरे हो चुके हैं. इस मौके को एक ऐतिहासिक क्षण बनाने के लिए क्लब द्वारा विशेष आयोजन किया गया. युवा दिवस के मौके पर बंगाली क्लब के शताब्दी वर्ष को अविस्मरणी बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर एक टाइम कैप्सूल स्थापित किया गया. इस आयोजन की विशेषता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि इस टाइम कैप्सूल को गूगल द्वारा पंजीकृत किया गया है. इसे वैश्विक टाइम कैप्सूल लाइब्रेरी में गौरवपूर्ण स्थान दिया गया है. इस टाइम कैप्सूल के पात्र को कांसे से से बनाया गया है. इसी में सभी आवश्यक जानकारी के दस्तावेज रखे गए हैं. स्थापित करने से पहले इस पात्र की विशेष पैकिंग की गई है ताकि यह जमीन में सालों साल सुरक्षित रह सके.

100 सालों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाया गया

इस टाइम कैप्सूल में संस्था के पिछले 100 सालों के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान दौर के अहम दस्तावेजों को संजोकर भूमिगत किया गया है. इस कैप्सूल को आज से ठीक 100 साल बाद यानी 2125 में खोला जाएगा, ताकि भविष्य की आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और इतिहास के बारे में बेहतर तरीके से जान सके.

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