तंत्र मंत्र के चक्कर में इतना बुरा फंसे! जबलपुर में जिंदगी की परेशानियों का समाधान करने के नाम पर साढ़े 17 लाख की ठगी

चंद्रकांत सोनी ने जबलपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
Police have registered a case in the matter of fraud of Rs 17.5 lakh.

साढ़े 17 लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

MP News: हर समस्या का समाधान बस एक निदान. इस तरह की लाइन आपने पोस्टर, विज्ञापन सड़कों अखबारों या सार्वजनिक जगहों पर जरूर देखी होगीं. कुछ लोग भी आपको तंत्र विद्या के नाम पर आपकी समस्या का समाधान करने का सुझाव देते होंगे. लेकिन यही सुझाव आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. जबलपुर में एक ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया है, जहां जीवन की समस्याओं को खत्म करने के नाम पर जालसाजों ने तंत्र विद्या का ऐसा जाल बुना कि एक व्यक्ति अपने जीवन भर की कमाई गंवा बैठा और ठगों को साढ़े 17 लाख रुपये से ज्यादा की रकम दे दी.

खुद को तांत्रिक बताकर कहा- सारी समस्याएं दूर कर देंगे

दरअसल नवंबर 2025 में सिवनी निवासी चंद्रकांत सोनी नर्मदा दर्शन के लिए जबलपुर के गौरीघाट आए थे. घाट पर पहले से मौजूद दो व्यक्तियों ने चंद्रकांत सोनी से बातचीत करना शुरू कर दी. पहले हाल-चाल जाना और फिर उनके चेहरे के हाव-भाव पढ़ कर उन्हें बताया कि वह जीवन में कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं. खुद को तांत्रिक बताने वाले एक व्यक्ति ने अपना नाम सुभाष बताया और विश्वास दिलाया कि वे अपनी तंत्र विद्या से उनकी सारी समस्याएं दूर कर देंगे. मानसिक रूप से परेशान चंद्रकांत उनकी बातों में आ गए.

चंद्रकांत को समाधान के तौर पर महंगी आयुर्वेद औषधियां खरीदने की सलाह दी. सबसे पहले उन्हें जबलपुर के दमोहनाका स्थित साईंनाथ आयुर्वेद प्रतिष्ठान भेजा गया, जहां से उनसे 5 लाख 25 हजार रुपये की दवाइयां खरीदवाई गईं. जब चंद्रकांत ने बताया कि उनकी समस्याएं हल नहीं हुईं, तो ठगों ने उन्हें नागपुर के पंचवटी आयुर्वेद प्रतिष्ठान का पता दिया. दवाओं के नाम पर उनसे 12 लाख 40 हजार रुपये का भारी-भरकम बिल भरवाया गया.

पुलिस मामला दर्ज किया

चंद्रकांत सोनी को ठगे जाने का एहसास तब हुआ, जब लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद भी उनके जीवन की समस्याएं हल नहीं हुई. इतना पैसा खर्च होने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें प्रयागराज के एक और केंद्र का पता दिया. वहां भी साढ़े 17 लाख रुपये का बिल थमाया गया. लगातार पैसे खर्च करने और कोई परिणाम नहीं मिलने पर चंद्रकांत को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ. इसके बाद चंद्रकांत सोनी ने जबलपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

यह घटना सबक लेने वाली है, क्योंकि हर इंसान के जीवन में परेशानियां होती हैं. ऐसे में उन परेशानियों को दूर करने के लिए ऐसे जालसाजों के जाल में बिल्कुल भी न फंसे और धर्य रखकर अपनी समझदारी से कम करें.

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