Indore: इंदौर में पुलिस पर लगा 22.50 तोला सोना लूटने का आरोप, ASI समेत 5 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

Indore: एसआई संजय विश्नोई समेत पांच पुलिसकर्मियों पर 22.50 तोला सोना ले जाने और ऑनलाइन रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं.
Lasudiya Police Station

लसूड़िया थाना

Indore News: इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एसआई संजय विश्नोई समेत पांच पुलिसकर्मियों पर 22.50 तोला सोना ले जाने और ऑनलाइन रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी कुमार प्रतीक ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है.

वारंट के नाम पर रात में दी दबिश

जानकारी के अनुसार, हरिदर्शन अपार्टमेंट में रहने वाले गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर कोर्ट से चेक बाउंस के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. इसी वारंट के आधार पर 1 अप्रैल की रात करीब 11:45 बजे एसआई संजय विश्नोई अपने साथ प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों को लेकर उनके घर पहुंचे. आरोप है कि दबिश देने से पहले फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया गया और बाद में नकली चाबी से ताला खोलकर घर में प्रवेश किया गया.

तलाशी के दौरान जेवर गायब होने का आरोप

गौरव जैन का आरोप है कि तलाशी के दौरान उनकी पत्नी विजेता जैन के सोने के आभूषण सहित अन्य कीमती सामान गायब कर दिए गए. पूरी घटना अपार्टमेंट के अन्य कैमरों में रिकॉर्ड हो गई. जमानत मिलने के बाद गौरव ने इसकी शिकायत डीसीपी से की, जिसके बाद एसीपी स्तर पर जांच कराई गई. शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद कार्रवाई की गई और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

65 लाख के लेनदेन से जुड़ा विवाद

इस पूरे मामले के पीछे 65 लाख रुपए के लेनदेन का विवाद भी सामने आया है, जो गौरव जैन और तत्कालीन सीएसपी राकेश गुप्ता के बीच चल रहा था. इसी विवाद के चलते पहले भी फोन पर धमकी देने का मामला दर्ज कराया गया था. साथ ही ग्वालियर कोर्ट में चेक बाउंस का केस भी दायर हुआ था, जिसमें पेश न होने पर वारंट जारी किया गया.

दरवाजा तोड़कर घुसने और बच्ची के घायल होने का आरोप

गौरव का कहना है कि पुलिस ने वारंट का हवाला देकर घर में जबरन प्रवेश किया, दरवाजा तुड़वाया और इस दौरान उनकी दो साल की बेटी भी घायल हो गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर से आभूषण, नकदी, मोबाइल और कुछ अहम दस्तावेज जब्त कर लिए गए.

ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप

इसके अलावा, प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा पर ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया गया है. गौरव के मुताबिक, वकील से संपर्क कराने के नाम पर 10 हजार रुपए उनके दोस्त के खाते में और 17 हजार रुपए राकेश शर्मा के बेटे के खाते में ट्रांसफर कराए गए. आरोप यह भी है कि गौरव को ग्वालियर ले जाकर थाने की बजाय गेस्ट हाउस में रखा गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और वीडियो कॉल के जरिए दबाव बनाया गया. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस विभाग इस प्रकरण को लेकर सतर्क नजर आ रहा है.

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