56 साल की सुनीता सिंह ने रचा इतिहास, अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा, SBI में AGM के पद पर हैं तैनात

यह पहला मौका नहीं है जब सुनीता ने देशवासियों को गौरान्वित होने का मौका दिया है. अफ्रीका से पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर भी तिरंगा लहरा चुकी हैं.
56-year-old Sunita hoisted the tricolor on the highest peak of Africa.

56 साल की सुनीता ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया.

MP News: अंग्रेजी में एक कहावत है, ‘एज इज जस्ट ए नंबर’. मतलब उम्र सिर्फ एक नंबर है. इसी कहावत को भोपाल की रहने वाली 56 साल की सुनीता सिंह ने चरितार्थ किया है. सुनीता ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतेह किया है. देश की सबसे ज्यादा उम्र की पर्वतारोही ने 15 अप्रैल को माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर अपना नाम इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया है.

SBI में असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद पर हैं तैनात

सुनीता सिंह केवल पर्वतारोही नहीं हैं, बल्कि देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बड़े पद पर जिम्मेदारी निभा रही हैं. सुनीता सिंह एसबीआई में असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद पर तैनात हैं. लेकिन नौकरी के साथ ही उन्होंने अपने शौक को मरने नहीं दिया और अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी फतेह करके इतिहास रच दिया.

5,895 मीटर ऊंचे शिखर पर लहराया तिरंगा

सुनीता सिंह मूल रूप से जबलपुर की रहने वाली हैं. यहीं से उन्होंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से ही पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने बतौर बैंकर अपना करियर शुरू किया. लेकिन बैंक में नौकरी करने के साथ अपने लक्ष्य को पाना उनके लिए आसान नहीं था. सुनीता ने बताया कि इसके लिए डिसिपलीन और कड़ी मेहनत से ही यह मुमकिन हो पाया है. सुनीता ने जिस चोटी को फतेह किया है, वह 5895 मीटर ऊंची है और यहां उन्होंने तिरंगे के साथ ही अपने संस्थान का झंडा भी फहराया.

यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर भी फहरा चुकी हैं तिरंगा

ये पहला मौका नहीं है जब सुनीता ने देशवासियों को गौरान्वित होने का मौका दिया है. अफ्रीका से पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर भी तिरंगा लहरा चुकी हैं. उन्होंने साल 2025 अगस्त में माउंट एल्ब्रुस को फतेह किया था. वहीं सुनीता की एक और उपलब्धि पर उनके परिवार और सहकर्मियों ने भी खुशी जताई है. साथ ही जिम्मेदारियों के साथ इस उपलब्धि को हासिल करने पर सुनीता के जज्बे को सलाम कर रहे हैं.

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