यह पहला मौका नहीं है जब सुनीता ने देशवासियों को गौरान्वित होने का मौका दिया है. अफ्रीका से पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर भी तिरंगा लहरा चुकी हैं.