MP News: जबलपुर में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया. ये ओवरब्रिज महज 5 सालों पहले ही करोड़ों की लागत से बना था. हालांकि गनीमत ये रही कि जिस समय पुल का हिस्सा सड़क पर गिरा उस वक्त कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था. इस कारण बड़ी अनहोनी होने से बच गई. वहीं इस घटना के साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.
एक हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है
पुल का एक हिस्सा पहले ही दिसंबर में ही क्षतिग्रस्त हो चुका है. उसकी मरम्मत का काम चल रहा था, इसलिए एक ही लेन से आना जाना हो रहा था. वहीं रविवार को दूसरा हिस्सा भी ढह गया. मानो पूरा पुल ही भगवान भरोसे था. वहीं घटना के बाद प्रशासन की टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों का कहना है कि जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता है, तब तक आवागमन बाधित रहेगा.
निर्माण काम की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ब्रिज का निर्माण काम साल 2015 में शुरू हुआ था और साल 2020 में इसका काम पूरा हो गया था. पुल भी अभी गारंटी पीरियड में है. लेकिन इस तरह पुल का ढह जाना निर्माण कामों की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से पुल बना है, तभी से इसमें मरम्मत का काम चल रहा है.
यातायात पूरी तरह ठप हुआ
ओवर ब्रिज के गिरने से भोपाल- जबलपुर हाईवे पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. इसलिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है. जिससे आने-जाने वाले यात्रियों को कोई भी परेशानी ना हो सके. ट्रैफिक को शहपुरा बस्ती मार्ग पर डायवर्ट किया गया है.
