MP News: स्वामी विवेकानंद जयंती को आज युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. इस मौके पर हम आपको मध्य प्रदेश के माउंटेन मैन के नाम से जाने जाने वाले जबलपुर के अंकित सेन से मिलवाते हैं. अंकित सेन जबलपुर के मझौली क्षेत्र के बहुत छोटे से गांव के रहने वाले हैं. लेकिन अंकित की हिम्मत और हौसले ने आज उन्हें दुनिया के तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर पहुंचा दिया है. माउंटेन मैन के नाम से प्रसिद्ध पर्वतारोही अंकित सेन ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराकर जबलपुर संस्कारधानी ही नहीं बल्कि देश का नाम तो रोशन किया है. अंकित के द्वारा सात महाद्वीप में से तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा चुका हैं और अब चौथे महाद्वीप और दुनिया के सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह करने की तैयारी कर रहा है.
‘7 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य’
अंकित के मुताबिक पर्वतारोही बनना कभी भी उनके लिए आसान नहीं था. फिर भी जिस रास्ते पर उन्होंने कदम रखा है, वह उन्हें दूसरों से अलग बनाता गया. यही वजह है कि 2014 से लेकर अब तक अंकित ने पर्वतारोही के क्षेत्र में विभिन्न उपलब्धियां प्राप्त की है. बेसिक और एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स करके अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ रहे माउंटेन मैन अंकित सेन ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज को सबसे पहले 2017 में उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय माउंट जोगिन में फहराया था. फिर अंकित ने अपना लक्ष्य बना लिया कि वह दुनिया के सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर राष्ट्रीय ध्वज को लहराएंगे.
हिमाचल में ले रहे हैं ट्रेनिंग
अंकित ने 26 जनवरी 2023 को अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर को छू लिया. फिर यूरोप केनमाउंट एलब्रुस और ऑस्ट्रेलिया माउंट कोसियस्जको की चोटियों पर तिरंगा फहराया है. अंकित का अगला लक्ष्य दुनिया और चौथे महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने का है. जिसके लिए वह हिमाचल में ट्रेनिंग करने के लिए जा रहे हैं. अंकित बताते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और लक्ष्य तय हो तो रास्ता आसान हो जाता है. बस हर युवा को लगातार मेहनत करने की जरूरत है.
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