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किशोर कुमार के पैतृक घर पर कब्जे की कोशिश, मकान की दीवार तोड़ी; विधायक पति ने पहुंचकर अतिक्रमण हटवाया

Attempt to capture Kishore Kumar's ancestral house by breaking the wall.

किशोर कुमार के पैतृक घर पर दीवार तोड़कर कब्जे की कोशिश.

Input- शेख शकील

MP News: सुरों के सम्राट किशोर कुमार के खंडवा स्थित पैतृक घर पर अवैध कब्जे की कोशिश की गई है. स्थानीय दुकानदारों ने घर के आसपास अतिक्रमण कर रखा है. मकान की दीवार को भी तोड़ दिया. इसके बाद किशोर कुमार के फैंस मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया. वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंचे विधायक पति और प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिक्रमण को हटवाया. किशोर कुमार के प्रशंसकों ने उनके पैतृक मकान पर कब्जे की कोशिश के बाद इसे संरक्षित करने की मांग की है. हालांकि महापौर का कहना है कि ये निजी संपत्ति है.

मुख्यमंत्री से घर को संग्रहालय बनाए जाने की मांग

किशोर कुमार के पैतृक आवास की दीवार तोड़कर कब्जा किए जाने की कोशिश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया. जानकारी लगते ही जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण की कार्रवाई रुकवाई. वहीं विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने कहा कि वह भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से इस घर को संग्रहालय बनाए जाने की मांग करेंगे.

किशोर कुमार के आंगन पर अतिक्रमण की आहट से फैंस में नाराजगी हैं. फैंस ने एक बार फिर स्मारक बनाने की मांग की है. किशोर प्रेमी इस घर को मंदिर मानते हैं, उनकी आस्था पर सरकार खामोश, इसे संरक्षित करने के लिए कोशिश भी तेज हुई है. किशोर प्रेमी बोले इसे संजोया जाए. महापौर ने कहा यह निजी संपत्ति है.

किशोर कुमार के नाम से खंडवार की पहचान

खंडवा की पहचान, हिंदी सिनेमा के अमर गायक और अभिनेता किशोर कुमार के पुश्तैनी घर पर अतिक्रमण की कोशिश ने उनके चाहने वालों की भावनाओं को झकझोर दिया है. जिस आंगन से कभी सुरों की गूंज निकली थी, आज वहां कब्जे की आहट सुनाई देने लगी तो देशभर के किशोर प्रेमियों में नाराजगी फैल गई.

किशोर कुमार के एक फैन भरत पटेल ने कहा, ‘हर साल 4 अगस्त को जन्मदिन और 13 अक्टूबर को पुण्यतिथि पर यहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम होते हैं. मुंबई, इंदौर, भोपाल, दिल्ली समेत कई शहरों से किशोर कुमार के प्रशंसक खंडवा पहुंचते हैं. उनके गीत गूंजते हैं, यादें ताजा होती हैं और लोग उस मिट्टी को नमन करते हैं, जिसने हिंदी सिनेमा को एक अनमोल आवाज दी. लेकिन बदहाल हालत और अतिक्रमण की कोशिशों ने प्रशंसकों को आहत कर दिया है.

महापौर बोलीं- यह निजी संपत्ति

खंडवा की महापौर अमृता अमर यादव ने कहा, ‘यह एक निजी संपत्ति है, हम तो चाहते हैं कि इसे संग्रहालय बनाया जाए लेकिन किशोर दा का परिवार इसे संरक्षित करने के लिए सरकार को नहीं दे रहा है. यहां उनका निजी चौकीदार है. उसके बाद भी यदि अतिक्रमण हो रहा है तो फिर चौकीदार कर क्या रहा है.’

वहीं फैंस मांग कर रहे हैं कि किशोर कुमार के इस पुश्तैनी घर को राष्ट्रीय स्तर का स्मारक घोषित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस विरासत को महसूस कर सकें जिसने भारतीय संगीत को अमर बना दिया. खंडवा की गलियों में आज भी लोग कहते हैं, ‘कोई हमदम ना रहा, कोई सहारा ना रहा…’

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