MP News: भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 83 अस्पतालों पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में अनियमितता पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई है. बार-बार चेतावनी के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं करने वाले 15 अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया है, जबकि 18 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है. इसके अलावा 50 अस्पतालों पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है.
भोपाल के 25 अस्पताल भी शामिल
इन 50 अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है. कार्रवाई की सूची में भोपाल के 25 अस्पताल भी शामिल हैं. इनमें 4 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट, 8 का सस्पेंशन और 13 अस्पतालों पर आर्थिक दंड लगाया गया है. भोपाल के इन अस्पतालों पर कुल 2 करोड़ 11 लाख 91 हजार 492 रुपए की पेनल्टी की गई है.
डेस्कटॉप ऑडिट में सामने आईं कई अनियमितताएं
यह कार्रवाई स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लागू ‘दक्ष आयुष्मान’ जीरो टॉलरेंस टू फ्रॉड एंड एब्यूज फ्रेमवर्क के तहत की गई. अस्पतालों की ओर से किए गए क्लेम और उपलब्ध दस्तावेजों की डेस्कटॉप ऑडिट के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं.
बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती करने के मामले
जांच में ऐसे मामले भी मिले, जहां बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया था. इसके अलावा आयुष्मान पैकेज का गलत इस्तेमाल करने और योजना के निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने की बात सामने आई. रिकॉर्ड में दर्ज बेड की संख्या और अस्पताल में वास्तव में उपलब्ध बेड के बीच भी अंतर पाया गया.
कुछ अस्पतालों में 30% तक कम मिले बेड
ऑडिट के दौरान कुछ अस्पतालों में निर्धारित क्षमता की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक कम बेड मिले. वहीं, भोपाल के सिद्धांता सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की आयुष्मान योजना से संबद्धता भी अस्थायी तौर पर निलंबित कर दी गई है.
दो अस्पतालों पर एफआईआर, कार्रवाई आगे भी जारी
आयुष्मान निरामय योजना मध्य प्रदेश के सीईओ अरविंद शाह ने कहा कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जिन अस्पतालों ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि दो अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
ये भी पढे़ं- भोपाल के सिद्धांता अस्पताल का लाइसेंस रद्द, CMHO की जांच में मिलीं 19 गंभीर खामियां
