MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद भारतीय मजदूर संघ ने 26 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित कर दिया है. भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के सामने 79 मांगें रखीं. उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश में आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के लिए मंडल या निगम बनाने पर सहमति बनी है. सरकार ने एक महीने में मांगों को हल करने का आश्वासन दिया है. कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभागीय बैठकें होंगी.
27 अक्टूबर से विभागवार बैठकें शुरू
27 अक्टूबर से विभागवार बैठकें शुरू होंगी, जो 17 नवंबर तक चलेंगी. 27 अक्टूबर को स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक होगी. 2 नवंबर को स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक होगी. 3 नवंबर को पंचायत तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग की बैठक होगी.
इन तारीखों पर होंगी बैठकें
10 नवंबर को कृषि और मछुआ कल्याण विभाग, 13 नवंबर को श्रम विभाग, 16 नवंबर को पीडब्ल्यूडी, पीएचई और ऊर्जा विभाग की बैठक होगी. 17 नवंबर को परिवहन और राजस्व विभाग के साथ बैठकें होंगी. वहीं संभागवार बैठकें कर मांगों का हल निकालने की कोशिश की जाएगी. भारतीय मजदूर संघ ने सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित कर दिया है.
संघ की प्रमुख मांगे
- भारतीय मजदूर संघ की पहली मांग है कि यूपी की तरह ही मध्य प्रदेश में भी आउटसोर्स निगम या मंडल को बनाया जाए. इसमें निजी ठेका कंपनियों की मनमानी को खत्म किया जाए.
- संघ की मांग है कि विभागों में सालों से काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के रिक्त पदों के विरूद्ध स्थायी संविदा में समायोजित करके 62 वष्र की उम्र तक सेवा सुरक्षा दी जाए.
- नियमों के अनुसार, हर 5 साल में न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए. वहीं साल 2024 से यह प्रक्रिया लंबित है, इस पर शासन नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधियों की त्रिपक्षीय बैठक बुलाकर नई दरें लागू करें.
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