27 प्रतिशत आरक्षण के लिए CM मोहन यादव से मिला OBC प्रतिनिधि मंडल, सरकार के सामने रखी अपनी मांग

MP OBC Reservation: 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण वाली याचिका पर 9 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए हाई काेर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था और 14 प्रतिशत आरक्षण वाली सीमा को जारी रखने का फैसला सुनाया था.
CM Dr Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

MP OBC Reservation: मध्‍य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण वाली याचिका पर 9 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए हाई काेर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था और 14 प्रतिशत आरक्षण वाली सीमा को जारी रखने का फैसला सुनाया था. कोर्ट के इस फैसले के बाद आज ओबीसी प्रतिनिधि मंडल ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की है.

सुप्रीम कोर्ट में विशेषज्ञों के पैनल की मांग

सीएम मोहन यादव के साथ हुई मुलाकात में आरक्षण की बहाली और प्रभावित अभ्‍यर्थियों के भविष्‍य को लेकर चर्चा की गई. ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि मंडल ने सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं और स‍ंविधान विशेषज्ञों का पैनल बनाने की मांग की है. ओबीसी वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति के साथ सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व का नया सर्वे करने की मांग भी की गई है.

27 प्रतिशत आरक्षण पर नया अध्‍यादेश या विधायी प्रस्‍ताव का सुझाव

इस मुलाकात में ओबीसी प्रतिनिधि मंडल ने 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए नया अध्‍यादेश या विधायी प्रस्‍ताव लेकर आने का सरकार को सुझाव दिया है. वहीं 13 प्रतिशत होल्‍ड से प्रभावित अभ्‍यर्थियों को राहत देने के लिए कानूनी विकल्‍प तलाशने की मांग की गई है. प्रतिनिधि मंडल ने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त या फिर सुपरन्‍यूमरेरी पद को सृजित करने की संभावना पर विचार करने का सुझाव भी दिया है.

चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगा ओबीसी महासभा

सीएम से ओबीसी प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि आरक्षण संबंधी प्रस्‍ताव में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से परामर्श सुनिश्च‍ित किया जाए, प्र‍तिनिधियों ने सरकार से इसकी भी मांग की है. इसके अलावा ओबीसी महासभा ने कहा कि आरक्षण की बहाली के लिए कानूनी संघर्ष और चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.

हाई कोर्ट ने खारिज की थी 27 प्रतिशत आरक्षण की याचिका

दरअसल, मध्‍य प्रदेश हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर 9 अक्टूबर को अहम फैसला सुनाया था. कोर्ट ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने वाली याचिका को खारिज करते हुए 14 प्रतिशत वाले आरक्षण को लागू रखने का फैसला सुनाया था. कोर्ट में राज्य सरकार पर्याप्‍त आंकड़े पेश नहीं पाई थी. इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था. कोर्ट ने 13 प्रतिशत होल्‍ड पदों पर भी 3 महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग के अभ्‍यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था.

ये भी पढे़ं- MP OBC Reservation: 27% OBC आरक्षण पर एमपी हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 14 फीसदी ही रहेगी रिजर्वेशन की सीमा

ज़रूर पढ़ें