भोपाल में पत्नी विनीता और साली मेघा उइके की हत्या करने वाले तत्कालीन एएसआई योगेश मरावी को कोर्ट ने आरोपी मानते हुए दोहरे अजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा भी भी साथ ही चलेगी. ये फैसला विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीावस्तव की अदालत ने गुरूवार दोपहर को फैसला सुनाया. मामले में करीब 16 महीने तक सुनवाई चली. पुलिस की तरफ से 11 गवाह पेश किए गए.
पुलिस ने अदालत ने तकनीकी सबूत भी किए पेश
पुलिस के द्वारा तकनीकी सबूत भी पेश किए गए जिनमें मौका-ए-वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थे. इस वारदात के सामने आने के बाद एएसाआई योगेश मरावी को सस्पेंड कर दिया गया था. योगेश अदिवासी अंचल मंडला जिले के मवई थाने में एसआई पद पर तैनात था. उसने 3 दिसंबर 2024 की सुबह 11 बजे पत्नी विनीता (35) और खादी ग्रामोद्योग विभाग की वित्त लेखाधिकारी साली मेघा उइके (30) की चाकू से गोदकर हत्या की थी.
बड़ी बेहरमी से की हत्या
मेघा के पेट, कमर और प्राइवेट पार्ट के बेहद करीब चाकू से कुल 56 वार किए थे. वहीं, विनीता के प्राइवेट पार्ट के बायीं तरफ करीब एक इंच दूर गहरा घाव मिला. सका प्लान पत्नी की जान-पहचान वाले एक एसआई की हत्या के बाद खुदकुशी करने का था. उसे शक था कि पत्नी और उस ASI के बीच प्रेम संबंध हैं. हालांकि, 3 दिसंबर की शाम को ही उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
भोपाल में रहती थी पत्नी
गौरतलब है कि विनीता मारवी का अपनी पत्नी योगेश से विवाद चल रहा था. इसी वजह से वह अपनी बहन मेगा उइके के साथ भोपाल में सुभाष नगर स्थित सिमी अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रहती थी. 3 दिसंबर 2024 की सुबह करीब 11 बजे योगेश की पत्नी विनीता ने मेड के लिए दरवाजा खोला. इसी दौरान बाहर मौजूद योगेश, मेड को धक्का देकर अंदर घुस गया. उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और चाकू से ताबड़तोड़ पत्नी-साली पर वार किए और भाग गया.
पुलिस ने उसी दिन पकड़ लिया
ऐशबाग पुलिस को घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे से क्लू मिला कि योगेश कार नंबर CG04 HS 1052 से ड्राइवर को लेकर भोपाल आया था। कार और आरोपी की फोटो पुलिस ने नजदीकी जिलों में भेजी. इसके आधार पर मंडला के थाना नैनपुर की चौकी पिंडरई में कार को रुकवाकर योगेश और ड्राइवर को पकड़ लिया गया.
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