Bhopal News: स्वास्थ्य विभाग ट्रीटमेंट प्रक्रिया को आसान और मॉडर्न बनाने में जुटा हुआ है. इसके लिए कई बड़ी योजना तैयार की है. राजाधानी भोपाल को भारत का पहला ‘मॉडल डिजिटल हेल्थ डिस्ट्रिक्ट’ बनाने का काम किया जा रहा है. जिले के सभी सरकारी और करीब 3000 प्राइवेट हॉस्पिटल को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. इससे मरीजों को तो फायदा होगा. इसके साथ ही डॉक्टर भी मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे.
पेपरलेस होगा सिस्टम
पूरे हेल्थ सिस्टम को पेपरलेस बनाने की तैयारी चल रही है. इसे लागू करने के लिए 4 महीनों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत सभी अस्पतालों और चिकित्सकों को एक ही नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.
क्या है एक्शन प्लान?
- हर हॉस्पिटल की डिजिटल क्षमता का ऑडिट किया जाएगा. ये देखा जाएगा कि क्या कमी है और कितने तैयार हैं.
- जिले के प्रत्येक अस्पताल और डॉक्टर्स की डिजिटल पहचान तैयार की जाएगी. पंजीयन कराया जाएगा. हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफोर्मेशन सिस्टम को लागू किया जाएगा.
- डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट आदि के लिए ट्रेनिंग
- मरीज केवल ABHA नंबर के साथ अस्पताल पहुंचेगा. लाइन में लगने की झंझट खत्म होगी.
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क्या और कैसे फायदा मिलेगा?
अब पर्चे के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा. मिस्ड कॉल या QR स्कैन करते ही संबंधित जानकारी डॉक्टर को पहुंच जाएगे. इसके साथ ही मरीज को टोकन नंबर मिल जाएगा. इसके साथ ही एक क्लिक से डॉक्टर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे. मेडीक्लेम में की जाने वाली हेराफेरा कम हो जाएगी. अस्पताल से जनरेट हुए डिजिटल पर्चे के जरिए फार्मेसी दवा ले सकेंगे.
