मध्य प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट कांड में एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है. स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने भोपाल के पास रायसेन से भिंड निवासी राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को गिरफ्तार किया है. राहुल प्रकाश बहुजन संघर्ष दल का पूर्व प्रदेश महासचिव रह चुका है. हालांकि अभी एसटीएफ की तरफ से इस गिरफ्तारी की पु्ष्टि नहीं की गई है. राहुल प्रकाश से पूछताछ के दौरान फर्जी पासपोर्ट से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं.
थाईलैंड और म्यांमार की यात्रा की
जानकारी के मुताबिक, राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते पहचान छिपाकर भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एक बौद्ध मठ में भंते के रूप में रहने की जानकारी देकर फर्जी पते के आधार पर करीब एक साल पहले पासपोर्ट बनवाया था. इसके बाद इसी पासपोर्ट से उनसे थाईलैंड और म्यांमार की यात्रा भी की थी.
खुद को बहुजन शंघर्ष दल का पूर्व नेता बताया
एसटीएफ की पूछताछ के दौरान पकड़े गए राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते ने खुद को बहुजन शंघर्ष दल का पूर्व नेता बताया हैं. उसने बताया कि करीब साढ़े 3 साल पहले वह अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के बौद्ध विहार मठ में भंते के रूप मं जीवन शुरू किया था. इसके बाद उनसे साल 2025 में नए पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया.इसी पासपोर्ट से उसने पिछले साल थाईलैंड और म्यांमार की यात्रा की.
दलित समाज की नेतानगरी में रहता था एक्टिव
पूछताछ में सामने आया है कि राहुल प्रकाश दलित समाज की नेतानगरी में एक्टिव रहता था और वह आगे चलकर चुनाव भी लड़ना चाहता था. इसी के लिए उनसे बहुजन संघर्ष दल ज्वाइन किया और प्रदेश स्तर का नेता बन गया. एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह नेता से भंते क्यों बना और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए किन लोगों की मदद ली. फर्जी पासपोर्ट कांड की जांच में अब तक एसटीएफ को 08 भंतों की तलाश है. उनकी तलाश में टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं.
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