MP News: मध्यप्रदेश में फाइलों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD ने सख्त रुख अपना लिया है. विभाग ने कलेक्टरों और प्रमुख सचिवों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई है. विभाग का कहना है कि अधिकारी आपस में ही फैसले कर सीधे सामान्य प्रशासन विभाग को फाइलें भेज दे रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है.
विभागों को दिए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारी की अनुमति के भेजी गई फाइलों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा. परामर्श के लिए नस्तियां कायदे से तैयार करके ही भेजी जाएं. फाइलों में साफ-साफ बताया जाए कि किस विषय पर परामर्श चाहिए और किन बिंदुओं पर निर्णय अपेक्षित है.
प्रमुख सचिव का अनुमोदन जरूरी
विभाग ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि, प्रमुख सचिव या सचिव के अनुमोदन के बिना ही सीधे नस्तियां भेज दी जा रही हैं. कई मामलों में कलेक्टर और विभागीय अधिकारी आपस में चर्चा करके ही फैसला ले लेते हैं और फिर उसे GAD के पास भेजकर सिर्फ औपचारिकता पूरी करना चाहते हैं.
गलत परंपरा बताई
GAD ने इसे गलत परंपरा बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था बिगड़ रही है. न्यायालयीन मामलों में भी विभाग ने नाराजगी जताई है. दरअसल, कई विभाग कोर्ट से जुड़े मामलों में विधि विभाग से परामर्श लेने के बजाय सीधे सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांग रहे हैं. GAD ने साफ कहा कि पहले विधि विभाग से राय ली जाए, उसके बाद ही जरूरत पड़ने पर GAD को फाइल भेजी जाए.
आगे से अटकेंगी फाइल
सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि नियमों का पालन किए बिना भेजी गई नस्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. ऐसी फाइलों को नस्तीबद्ध यानी बंद कर दिया जाएगा. इससे संबंधित विभाग का ही काम अटकेगा, इसलिए सभी अधिकारी प्रक्रिया का पालन करें।विभाग ने यह भी कहा कि फाइल में विषय, प्रस्ताव, नियमों का उल्लेख और पूर्व में लिए गए निर्णयों का पूरा विवरण होना चाहिए.
