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‘पटवारी क्या सरकार से बड़े हो गए हैं’, सेवा समाप्ति पर बोले करण सिंह वर्मा – पटवारियों की नहीं होगी बहाली

revenue minister karan singh verma

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा

Karan Singh Verma Statement: पटवारियों के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार का सख्त रुख दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ दिनों में राज्य के 27 पटवारियों को बर्खास्त किया गया है. इस मामले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का रिएक्शन सामने आया है. उनका कहना है कि प्रदेश भर के 27 पटवारियों को बर्खास्त कर दिया गया है. इसका स्वामित्व योजना से कोई संबंध नहीं है. कार्य में गड़बड़ियों को लेकर नोटिस और सूचना दी गई थी. जिन पटवारियों को बर्खास्त किया गया है, उनकी बहाली नहीं की जाएगी. एक पटवारी ने तो नकली पट्टे बना दिए. क्या उनके गुलाम बन जाएं?

‘काम नहीं करेंगे तो कार्रवाई होगी’

स्वामित्व योजना के कार्य में बाध्यता पर राजस्व मंत्री ने कहा कि किसी को बाध्य नहीं किया जा रहा है. पीएस, सीएस सभी ने कहा. 5 मंत्रियों की समिति बनाकर उनको निर्देश दिया गया. सरकार कोई निर्देश दे तो पटवारियों पर कोई मामला नहीं बनता है. यदि कोई कलेक्टर निर्देश लिखकर दे तो क्या उन पर कार्रवाई होगी, ऐसा कुछ नहीं है. क्या ये सरकार से बड़े हो गए हैं?

उन्होंने आगे कहा कि 50 लाख लोगों की निशुल्क रजिस्ट्री कर रहे हैं. पटवारियों को सारी बातें बताई गई. यहां तक की पटवारी लफ्ज हटा दिया गया. कोई दिक्कत और परेशानी नहीं है. फिर भी काम नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी.

पटवारियों की हड़ताल पर क्या बोले?

पूरे राज्य में पटवारी हड़ताल कर रहे हैं. इस पर करण सिंह वर्मा ने कहा कि जो भी पटवारी काम नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. मेरी मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात हुई है. ये सही नहीं है. शासन के आदेश पर कार्य करना चाहिए. ये गलत तरीका है.

पटवारी क्यों नहीं करना चाहते रजिस्ट्री?

पटवारियों का दावा है कि उन पर दबाव बनाकर स्वामित्व योजना का कार्य करवाया जा रहा है. इसके साथ ही रजिस्ट्री में निष्पादक बनाने का विरोध कर रहे हैं. लगभग 23 हजार पटवारियों की भूमिका को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

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क्या है स्वामित्व योजना?

स्वामित्व योजना के तहत राज्य सरकार 50 लाख लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री देने की प्रक्रिया कर रही है. ग्रामीण क्षेत्रों की सरकारी जमीन जिसे आबादी भूमि कहा जाता है. इस पर काबिज लोगों को मालिकाना हक देने के लिए सरकार ने भू अधिकार पत्र दिए हैं. खसरे में भी नाम दर्ज है. ऐसे लोगों की सरकार मुफ्त रजिस्ट्री करा रही है.

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