MP News: मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के तहत साहित्य अकादमी ने साल 2024 के लिए अखिल भारतीय और प्रादेशिक कृति पुरस्कार की घोषणा की है. विस्तार न्यूज के ग्रुप एडिटर ब्रजेश राजपूत की किताब ‘द एवरेस्ट गर्ल’ का चयन प्रादेशिक वृंदावन लाल वर्मा पुरस्कार के लिए हुआ है. इसे उपन्यास श्रेणी से चुना गया है. रचनाकारों को 51 हजार रुपये के साथ स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा.
सम्मान के लिए 28 रचनाकारों का हुआ चयन
संस्कृति विभाग ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके इन पुरस्कारों की जानकारी दी. अखिल भारतीय पुरस्कार के लिए 13 और प्रादेशिक सम्मान के लिए 15 रचनाकारों का चयन हुआ है. कुल मिलाकर 28 रचनाकारों का नाम लिस्ट में शामिल है. अखिल भारतीय सम्मान के लिए 1 लाख रुपये और प्रादेशिक के लिए 51 हजार रुपये दिया जाएगा. इसके साथ ही स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.
साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् द्वारा वर्ष 2024 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति पुरस्कारों की घोषणा।
— Culture Department, MP (@minculturemp) June 11, 2026
अखिल भारतीय पुरस्कार – ₹1 लाख
प्रादेशिक पुरस्कार – ₹51 हजार
पुरस्कारों के साथ स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा। pic.twitter.com/7PTawUhl0P
पर्वतारोही मेघा परमार की सच्ची कहानी पर आधारित
‘द एवरेस्ट गर्ल’ किताब पर्वतारोही मेघा परमार की सच्ची कहानी पर आधारित है. एक साधारण लड़की की असाधारण कहानी आपको चौंका देगी. सीहोर जिले के छोटे से गांव भोजनगर में जन्मी मेघा ने कैसे अपने अथक प्रयासों विशाल माउंट एवरेस्ट को फतेह किया. कड़ी ट्रेनिंग और नेपाल के रास्ते दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर तक पहुंचने की छोटी-छोटी बारीकियों को इस किताब में समेटा गया है. परमार ने 22 मई 2019 को हिमालय की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतेह किया. ये मुकाम पाने वाली वे मध्य प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही बन गई हैं.
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