‘BJP के प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र देना लोकतंत्र से धोखा’, मीनाक्षी नटराजन मामले पर कमलनाथ का हमला
कमलनाथ(File Photo)
Kamal Nath On Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में तीसरी राज्यसभा सीट पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के साथ ही बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत हो गई है. रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया है. इसी के साथ ही कांग्रेस लगातार हमलावर है. मामले पर बयानबाजी का दौर जारी है. अब इसी कड़ी में कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ ने भाजपा और रिटर्निंग ऑफिसर पर हमला बोला है. कमलनाथ ने कहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, लेकिन उसके पहले ही बीजेपी के प्रत्याशियों को जीत दे दी गई. कमलनाथ ने इसे जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा बताया है.
‘इस तरह की जल्दबाजी आंखों में धूल झोंकने की कोशिश’
कमलनाथ ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करके लिखा, ‘मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र देना प्रदेश की जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा है.
जब कांग्रेस पार्टी की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने अभी तक फैसला नहीं सुनाया और सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनी है, तब इस तरह की जल्दबाजी आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है.’
मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र देना प्रदेश की जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा है।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) June 11, 2026
जब कांग्रेस पार्टी की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने अभी तक फैसला नहीं सुनाया और सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनी है तब इस तरह की जल्दबाजी आँखों में…
‘संवैधानिक संस्थाएं BJP की एजेंट’
कांग्रेस नेता ने बीजेपी के साथ ही चुनाव आयोग पर भी जमकर हमला बोला. कमलनाथ ने कहा, ‘संवैधानिक संस्थाओं को यह पूरी तरह से षड्यंत्रपूर्वक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अपहरण का मामला है. स्पष्ट है कि संवैधानिक संस्थाएं अपना कर्तव्य निभाने के बजाय भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रही हैं. कांग्रेस पार्टी नायायिक और राजनैतिक दोनों स्तर पर इस अन्याय का विरोध करेगी.’
बता दें कि मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था. नटराजन का आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने समेत 6 चीजों पर आपत्ति जताते हुए नामांकन रद्द किया गया है. जिसके बाद कांग्रेस ने फैसले के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी. लेकिन गुरुवार 3 बजे तक आयोग की तरफ से कोई भी जवाब नहीं दिया गया. जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों महेश केवट, रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया.