‘रील नहीं रियल प्रॉब्लम सुलझाएं’, CM मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों को दी नसीहत
CM मोहन यादव
Reel Vs Real Problem Advice: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने की नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि मैं आपसे अपील करता हूं और राज्य आपसे अपील करता है कि आप सोशल मीडिया की लोकप्रियता से समस्याओं के समाधान की तरफ ठोस कदम उठाएंगे. आप ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान सभी वर्गों में समान रूप से हो. आपसे अपेक्षा रखता हूं कि खासकर माता-बहनों, बच्चों-गरीबों सहित कमजोर वर्ग के लिए देवदूत बनें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, #भोपाल में आयोजित 44वें एवं 45वें उप पुलिस अधीक्षक बैच के दीक्षांत परेड समारोह में परेड का निरीक्षण किया। @DrMohanYadav51 @mohdept #JansamparkMP https://t.co/Ig3rSS7oBN
— Jansampark MP (@JansamparkMP) November 3, 2026
‘सोशल इश्यूज पर ध्यान दें’
भोपाल के भौंरी स्थित केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में सीएम मोहन यादव ने 44वें और 45वें उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बैच के दीक्षांत परेड समारोह में परेड का निरीक्षण किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों के बीच आपका चयन हो रहा है. आज का युग सोशल मीडिया का है. हमारे लिए सोशल मीडिया से ज्यादा सोशल इश्यू अहम हैं. आप सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें लेकिन आप इसके माध्यम से समस्याओं के बजाय समस्याओं के समाधान पर ध्यान लगाएं. रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में आपके हर क्षण की कीमत होनी चाहिए.
मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली अतीत है… प्रदेश के युवाओं ने हर चुनौती के समय पुलिस में अपनी तत्परता, कर्तव्यपरायणता और दक्षता से उत्कृष्ट प्रतिमान स्थापित किए हैं। https://t.co/jDLyhHMNrH
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) November 3, 2026
‘मध्य प्रदेश पुलिस का गौरवशाली अतीत है’
CM मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है सच में आज का यह पासिंग आउट परेड का जो समापन हो रहा है, वो समापन नहीं है, वो पब्लिक सर्विस की एंट्री है. यह शुरुआत है. मैं अपनी ओर से राज्य के 8.5 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व संभालने जा रहे सभी यह युवा मित्रों को बधाई देना चाहता हूं. इस नाते से और उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी करता हूं.
ये भी पढ़ें: देवास कांड से पहले भी गई है पुलिसकर्मियों की जान, मुरैना से लेकर शहडोल तक तस्करों का कहर
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस का गौरवशाली अतीत है. मध्य प्रदेश के युवाओं ने जब-जब ऐसी चुनौतियां आती हैं, अपनी तत्परता से, कर्तव्य परायणता से अपनी दक्षता के बलबूते पर उच्चतम प्रतिमान बनाए हैं. आजादी के बाद लंबे समय तक यह राज्य डाकुओं के साए में रहा है, चाहे चंबल का अंचल हो या रीवा का अंचल हो. हमारी पुलिस ने उस चुनौती का भी सफलता से सामना किया और निर्मूलन किया है. मैं बधाई देना चाहता हूं, पुलिस के उस उज्ज्वल भविष्य के लिए, जिसके आधार पर नई पीढ़ी को एक बहुत पुरानी बीमारी से मुक्ति दिलाई.