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दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया चोर, BJP विधायक रामेश्वर शर्मा बोले- स्वत: संज्ञान लेकर अदालत FIR दर्ज करे

Digvijaya Singh (File Photo)

दिग्विजय सिंह(File Photo)

MP News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों को निर्विरोध चुने जाने के बाद सियासी बयानबाजी का दौर जारी है. कांग्रेस ने बीजेपी के साथी ही चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. इस बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने विवादित बयान दिया है. दिग्विजय ने सुप्रीम कोर्ट को भी चोर बता दिया है.

‘सीट चोरी में माननीय सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है’

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘जिसकी हमको आशंका थी, वही हुआ. ये सीट की चोरी हुई है. इस चोरी में सभी शामिल हैं. ना केवल राज्य सरकार, बल्कि केंद्र सरकार भी शामिल है. मुझे कहना पड़ रहा है कि इसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है. जब सुप्रीम कोर्ट को मालूम था कि हमारी पिटीशन आज 4 बजे बेकार हो जाएगी. तो सुप्रीम कोर्ट ने सुना क्यों नहीं? मीनाक्षी नटराजन पर कोई केस नहीं है. मीनाक्षी नटराजन जैसा गांधीवादी व्यक्ति आज हमारी राजनीति में नहीं है. जबकि मीनाक्षी नटराजन को इस तरह हटाया जा रहा है कि जैसे उसने कोई अपराध किया है. ऐसे रिटर्निंग ऑफिसर को तो बर्खास्त करने की जरूरत है. ये क्या मजाक है? चोरी से सीट लूटी गई है. हम इसका विरोध करते हैं और आखिरी दम तक विरोध करते रहेंगे. पूरे देश में हम इसका विरोध करते रहेंगे. हम मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर रहेंगे.’

‘सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर FIR दर्ज करे’

वहीं दिग्विजय सिंह के बयान पर भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है. रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘राहुल गांधी से तो हमको उम्मीद थी कि वो इस तरह की बातें कर सकते हैं. हमको राहुल गांधी से तो उम्मीद थी. कभी सुप्रीम कोर्ट, कभी हाई कोर्ट, कभी निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते रहते थे. लेकिन दिग्विजय सिंह से ऐसी उम्मीद नहीं थी. दिग्विजय सिंह 10 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. उन्हें निर्वाचन आयोग और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली के बार में पता है. लेकिन फिर भी उन्होंने इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट को तुरंत स्वत: संज्ञान लेते हुए दिग्विजय सिंह पर FIR दर्ज करने के आदेश देना चाहिए.’

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