MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आधिकारिक तौर पर ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की घोषणा कर दी है. ये यात्रा उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामलला मंदिर तक निकाली जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने गूगल फॉर्म जारी किया है और लोगों से जुड़ने की अपील की है.
20 अक्टूबर से शुरू करेंगे यात्रा
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी. इस दिन विजयादशमी या दशहरा का त्योहार है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम करोड़ों सनातनियों की आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक हैं, लेकिन आज धर्म और प्रभु श्री राम के नाम पर हो रही लूट और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किए जा रहे हैं. इसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी हो गया है.
उन्होंने आगे कहा कि यह यात्रा किसी दल के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर पारदर्शिता, सत्य और श्रद्धा की रक्षा के लिए है। सामाजिक सद्भाव और सनातन मूल्यों को मजबूत करने के लिए है.
‘ये यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक है’
पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी भावना को लेकर उन्होंने शिवधाम से रामलला मंदिर (अयोध्या) तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने का निर्णय लिया है. यात्रा का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये पूरी यात्रा गैर-राजनीतिक रहने वाली है. किसी का विरोध करना उद्देश्य नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि यदि लोग धर्म के नाम पर हो रही लूट और अधर्म के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं तो वे इस यात्रा से जुड़ें. यात्रा में सहभागिता के लिए उन्होंने एक गूगल फॉर्म भी जारी किया है, जिसके माध्यम से इच्छुक लोग अपना पंजीयन करा सकते हैं. दिग्विजय सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आइए, मिलकर सनातन स्वाभिमान की इस यात्रा को जन-जन तक पहुंचाएं.
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‘शिला पूजन में हिस्सा लिया था’
राम जन्मभूमि आंदोलन के दौर को याद करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1988-89 में विश्व हिंदू परिषद द्वारा शुरू किए गए राम शिला पूजन अभियान में वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने भी हिस्सा लिया था, अपने सामर्थ्य के अनुसार दान भी दिया था.
