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‘चिकित्सा में को-पायलट की तरह काम कर रहा AI…’, विस्तार हेल्थ कॉन्क्लेव में बोले डॉ विकास मिश्रा

Dr. Vikas Mishra and Dr. Subrato Mandal

डॉ. विकास मिश्रा और डॉ. सुब्रतो मंडल

Vistaar Health Conclave: भोपाल में आयोजित विस्तार हेल्थ कॉन्क्लेव में चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और उसके प्रभाव पर चर्चा हुई. इस दौरान डॉ. विकास मिश्रा और डॉ. सुब्रतो मंडल ने चिकित्सा क्षेत्र में AI की भूमिका, उसकी उपयोगिता और सीमाओं को लेकर अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि AI डॉक्टरों की मदद कर रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय डॉक्टर को ही लेना चाहिए.

चिकित्सा में को-पायलट की तरह काम कर रहा AI

डॉ. विकास मिश्रा ने कहा कि AI चिकित्सा क्षेत्र में बहुत मददगार साबित हो रहा है. यह चिकित्सा में को-पायलट की तरह काम कर रहा है. डॉक्टर पायलट की भूमिका में होते हैं और AI सहयोग करता है. उन्होंने कहा कि AI अब चिकित्सा में पूरी तरह इंटीग्रेट हो गया है. इसका काम प्रॉम्प्ट के हिसाब से होता है, इसलिए डॉक्टरों को AI का सही इस्तेमाल करना आना चाहिए.

डेटा के आधार पर जवाब देता है AI

डॉ. विकास मिश्रा ने कहा कि AI उपलब्ध डेटा के आधार पर जानकारी देता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर स्मोकिंग करने वाले मरीज की जांच के बाद AI में डेटा डाला जाए और वह मरीज की स्थिति सामान्य बताता है, तो मरीज दोबारा स्मोकिंग शुरू करने का गलत निर्णय ले सकता है. इसलिए AI की जानकारी को डॉक्टर के निर्णय के साथ देखना जरूरी है.

डॉक्टर और AI साथ करेंगे

डॉ. सुब्रतो मंडल ने कहा कि AI हमेशा चिकित्सा में मदद करेगा, लेकिन हर तकनीक की तरह इसके भी नकारात्मक पक्ष हो सकते हैं. रोबोटिक सर्जरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे तकनीक को अधिक जिम्मेदारी देनी होगी, लेकिन अभी AI उतना पावरफुल नहीं है. डॉक्टर अपना निर्णय लेंगे और AI उनकी मदद करेगा. उन्होंने कहा कि शरीर में दिमाग के बिना कुछ नहीं होता, जैसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर साथ काम करते हैं, उसी तरह डॉक्टर और AI भी साथ काम करेंगे.

कम उम्र में हार्ट अटैक चिंता का विषय

डॉ. मंडल ने कहा कि 18 साल की उम्र में हार्ट अटैक आना बेहद चौंकाने वाला है. उन्होंने लोगों से अपनी जिंदगी को बेहतर और खुशहाल तरीके से जीने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि शरीर और दिमाग, यानी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, दोनों का सही इस्तेमाल जरूरी है. साथ ही एल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करने और पर्याप्त आराम को बेहतर जीवनशैली का हिस्सा बताया.

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