Former IAS Officer Ramesh Thete Arrested: पूर्व IAS अधिकारी रमेश थेटे को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. लगातार कोर्ट के नोटिस पर भी जवाब नहीं दे रहे थे. कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करके पेश होने के लिए तामील किया है. थेटे को धारा 299 के तहत फरार घोषित किया गया था. भोपाल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कल्पना कोतवाल ने वारंट जारी किया है.
थेटे पर दर्ज हैं 37 केस
पूर्व IAS रमेश थेटे और पत्नी मंदा थेटे पर लोकायुक्त ने आय अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया था. पति-पत्नी ने मिलकर करीब 68 लाख रुपये का लोन लिया. जिसे उन्होंने साल 2012-13 की अल्पावधि में ही वापस कर दिया था. इस मामले की शिकायत लोकायुक्त को मिली थी. साल 2013 में लोकायुक्त ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि रमेथ-मंदा ने विभिन्न बैंकों से राशियों को लेन-देन किया. वहीं, थेटे के पास अनुपातहीन संपत्ति होना पाया गया. उनके 36 साल के कार्यकाल में 27 केस दर्ज हैं.
1993 बैच के IAS अधिकारी थे
रमेश थेटे 1993 बैच के IAS अधिकारी थे. दलित वर्ग से आने के कारण कई बार उन्होंने भेदभाव का आरोप लगाया. थेटे को लोकायुक्त ने साल 2002 में बैतूल ITI के प्रिंसिपल से 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था. इस मामले के सामने आते ही साल 2005 में मध्य प्रदेश सरकार ने थेटे को निलंबित कर दिया था. निलंबन की कार्रवाई के बाद DoPT ने बर्खास्त कर दिया.
इस कार्रवाई के खिलाफ पूर्व आईएएस मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचे. जहां सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया गया. उज्जैन अपर आयुक्त रहते हुए उन्होंने साल 2013 में सीलिंग की जमीन को निजी लोगों को सौंपी. कई मामलों में लिप्त होने के कारण कैबिनेट ने साल 2015 में कैबिनेट ने उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी.
