Bhopal News: राजधानी भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई दो शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. एक ओर पिज्जा हट से मंगाए गए पास्ता का सेवन करने के बाद एक बच्चे की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है, तो दूसरी ओर आनंदम रेस्टोरेंट की लस्सी में कीड़ा मिलने की शिकायत दर्ज की गई है. दोनों मामलों में संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं.
शिकायत के बाद कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पहली कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर नर्मदापुरम रोड स्थित पिज्जा हट में की गई. शिकायत में बताया गया कि स्विगी के जरिए मंगाए गए पास्ता को खाने के बाद एक बच्चे के होंठ और गाल पर सूजन आ गई थी. जांच टीम ने पास्ता के साथ व्हाइट बेस, चीज और चीज स्प्रेड के नमूने एकत्र किए हैं. संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
आनंदम रेस्टोरेंट की लस्सी में कीड़ा
दूसरी कार्रवाई लालघाटी स्थित आनंदम रेस्टोरेंट में की गई, जहां ग्राहक ने लस्सी में कीड़ा मिलने की शिकायत की थी. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लस्सी के अलावा दही, पनीर, सोया चाप और बेसन समेत अन्य खाद्य सामग्री के नमूने भी लिए. रेस्टोरेंट प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मिलावटी दूध के नेटवर्क का खुलासा
इधर, महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सिंथेटिक और मिलावटी दूध के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद मध्य प्रदेश में भी एहतियात बढ़ा दी गई है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने सभी जिलों को 31 जुलाई तक विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. अभियान के दौरान दूध चिलिंग प्लांट, डेयरियां, संग्रहण केंद्र, थोक विक्रेता और दुग्ध उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा.
संदिग्ध दूध और उससे बने उत्पादों के नमूने लेकर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब और मैजिक बॉक्स की मदद से प्रारंभिक जांच की जाएगी. यदि कहीं मिलावटी या सिंथेटिक दूध मिलने की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ जब्ती, सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने नागरिकों से की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, स्वच्छता या मिलावट को लेकर संदेह हो, तो इसकी जानकारी तुरंत सीएम हेल्पलाइन, एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कनेक्ट पोर्टल या स्थानीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय को दें, ताकि समय पर जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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