Vistaar NEWS

भोपाल की सड़कों पर इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति, अब मैदान में उतरे सीनियर रेजिडेंट्स

Intern doctors protest on the streets of Bhopal

भोपाल की सड़कों पर इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन

Bhopal News: भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. आज भी ओपीडी बंद रहने से मरीजों को बड़ी परेशान का सामना करना पड़ेगा. गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में जूनियर डॉक्टरों, मेडिकल टीचर्स और सीनियर रेजिडेंट्स के उतरने से आंदोलन और व्यापक हो गया है.

कलेक्टर से हुई बातचीत, नहीं बनी सहमति

देर रात भोपाल कलेक्टर ने गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. बातचीत के बाद कलेक्टर ने कहा कि छात्रों की बात प्रतिनिधियों से हो रही है और चर्चा को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए.

कलेक्टर बोले- सरकार आपकी पालक है

कलेक्टर ने कहा कि एक बार चर्चा अच्छे से हो जाए. डॉक्टरों को समझना चाहिए कि सरकार उनकी पालक है. डॉक्टर सरकार से अपेक्षा भी करते हैं और नाराजगी भी व्यक्त करते हैं, लेकिन राज्य शासन को कोई भी निर्णय लेते समय बहुत सी चीजों को देखना पड़ता है.

सीनियर रेजिडेंट्स भी आंदोलन में शामिल

इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में सीनियर रेजिडेंट्स ने भी आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है. ओपीडी और गैर-जरूरी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया गया है. हालांकि, इमरजेंसी और जरूरी चिकित्सा सेवाएं जारी रहेंगी.

लाठीचार्ज के विरोध में मेडिकल टीचर्स

इंटर्न डॉक्टरों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पीएमटीए ने आज पूरे प्रदेश में मेडिकल टीचर्स के काली पट्टी बांधकर विरोध करने का फैसला लिया है. हमीदिया में लाठीचार्ज के बाद डॉक्टरों में नाराजगी और बढ़ गई है.

13 मेडिकल कॉलेजों में ब्लैकआउट का खतरा

जूडा के समर्थन में सीनियर डॉक्टर्स भी आंदोलन में उतर आए हैं. आज से सीनियर डॉक्टर्स के काम बंद करने की चेतावनी के बाद प्रदेश के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है. डॉक्टर संगठनों ने हमीदिया से प्रदेशव्यापी हड़ताल का अल्टीमेटम दिया है.

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

डॉक्टरों ने मांग की है कि इंटर्न डॉक्टरों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए. कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई है. डॉक्टर संगठनों ने जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने का अल्टीमेटम दिया है.

ये भी पढे़ं- MP की सड़कों पर डॉक्टर! सरकारी अस्पतालों में OPD बंद, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

Exit mobile version