MP News: मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कई बार लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अब इस समस्या का समाधान होने वाला है. अब मुक्तिधाम में ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा जाएंगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसके लिए निर्देश दिए हैं. इससे लोगों को सर्टिफिकेट पाने में आसानी होगी.
सीएम ने कार्ययोजना बनाने के लिए कहा
सीएम मोहन यादव ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक में जन्म और मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिया. अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए विश्राम घाट या मुक्तिधामों में व्यवस्था की जाए. कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा है. इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
प्रभारी मंत्री पेश करें रिपोर्ट
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस को जिलों के विकास कार्यों का सोशल ऑडिट किया जाएगा. इसके साथ ही प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है. विकास का इंडेक्स जिलों की स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक तय होगा. इंडस्ट्रियल, फार्मिंग आधारित और वन संपदा वाले राज्यों के लिए अलग-अलग स्टैंडर्ड तय किए जाएंगे.
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मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनता है?
- मध्य प्रदेश में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मृत्यु के 21 दिनों के भीतर नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद या ग्राम पंचायत में आवेदन करना होता है.
- MP e-District वेबसाइट पर जाना होगा. इसके बाद ‘Application for Death Certificate’ विकल्प चुनना होगा.
- सर्टिफिकेट के लिए तय राशि अदा करनी होगी. ट्रैकिंग नंबर जनरेट हो जाएगा.
- इसके लिए अस्पताल से डेथ डिटेल प्राप्त करनी होगी और मृतक की पहचान का विवरण होना अनिवार्य है.
