MP UCC: लिव-इन रिलेशनशिप में रहना है तो 30 दिनों में कराना होगा रजिस्ट्रेशन, जल्द आएगा UCC का ड्राफ्ट

MP UCC Live-In Relationship Registration: यूसीसी के लिए सभी आयामों पर चर्चा की जा रही है. लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सुझाव आए हैं. कमेटी के अनुसार जब दो व्यक्ति लिव-इन में रहने का निर्णय करते हैं तो उन्हें 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो जाएगा.
MP uniform civil code registration for live-in relationships must be completed within 30 days

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए 30 दिनों में कराना होगा रजिस्ट्रेशन

MP UCC Live-In Relationship Registration: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के फाइनल ड्राफ्ट को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है. UCC को लेकर गठित हाई लेवल कमेटी ने सोमवार (22 जून) को अलग-अलग वर्गों और आयोगों से सुझाव मांगे. इसकी अध्यक्षता कर रहे उत्तराखंड के पूर्व सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि यूसीसी का फाइनल ड्राफ्ट 8 से 10 दिनों में तैयार हो जाएगा. राज्य सरकार इसे मानसून सत्र के दौरान सत्र में पेश कर सकती है.

30 दिनों में कराना होगा रजिस्ट्रेशन

यूसीसी के लिए सभी आयामों पर चर्चा की जा रही है. लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सुझाव आए हैं. कमेटी के अनुसार जब दो व्यक्ति लिव-इन में रहने का निर्णय करते हैं तो उन्हें 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो जाएगा. इस संबंध में कई और प्रावधान करने की योजना है. इसमें विवाद की स्थिति में महिला एवं बच्चे का भरण-पोषण शामिल है.

इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में जन्मे बच्चे सामान्य बच्चों की तरह विरासत से प्राप्त संपत्ति और दूसरे अधिकार प्राप्त करने के हकदार होंगे. पुरुषों को इस बात से राहत मिलेगी कि लिव-इन रिलेशनशिप टूटने के बाद शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाने के मामले में कमी आएगी.

हिंदू-मुस्लिम संगठनों ने जताया विरोध

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कमेटी के द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रावधानों पर हिंदू और मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है. हिंदू उत्सव समित के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि लिव-इन नहीं होना चाहिए ये संस्कृति के खिलाफ है. वहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने इस पर नाराजगी जताई है.

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‘विवाह उम्रसीमा तय हो’

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जनजातीय वर्गों को UCC से अलग रखा जाएगा. कमेटी को आदिवासी प्रतिनिधि से सुझाव मिले हैं कि आदिवासी विवाह में उम्र सीमा तय होनी चाहिए. इससे बाल विवाह को रोकने में मदद मिलेगी.

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