MP News: भोपाल: मध्यप्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल राज्य में स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री के काम में आनाकानी कर रहे पटवारियों की मांग आखिरकार सरकार ने मान ली है. यही नहीं, राजस्व विभाग ने पटवारियों को को राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसके लिए कमिश्नर ने सभी जिलों के कलेक्टरों से पटवारियों की सेवा संबंधी जानकारी मांगी है. वहीं, 1050 पटवारियों की लिस्ट भी विभाग द्वारा जारी कर दी गई है.
30 सितंबर तक जानकारी देनी होगी
बता दें कि विभान ने 30 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे अनिवार्य रूप से पटवारियों की जानकारी जमा करने को कही है. पटवारियों की जानकारी कलेक्टरों के माध्यम से संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार के जरिये मांगी गई है. मध्यप्रदेश कि स्वामित्व योजना में पटवारियों को रजिस्ट्रीकर्ता बनाया गया है लेकिन इससे वे खुश नहीं हैं.
क्यों खुश नहीं है पटवारी ?
प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन से इसलिए नाराज है क्योंकि उनके मुताबिक जमीन का स्वामित्व लाभार्थी और शासन के बीच दस्तावेजी प्रक्रिया का विषय है. ऐसे में पटवारी को रजिस्ट्रीकर्ता यानी निष्पादक बनाकर भविष्य की व्यक्तिगत कानूनी जवाबदेही तय करना उचित नहीं है.अगर बाद में किसी व्यक्ति ने स्वामित्व को चुनौती दी तो निष्पादक के तौर पर दर्ज पटवारी भी कानूनी प्रक्रिया में घसीटा जा सकता है
जून 2007 या इससे पुराने संवर्ग वालों को फायदा
प्रमोशन मध्य प्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2012 में 18 जून 2018 को किए गए संशोधन के आधार पर किया जाएगा. इसके प्रावधानों के अंदर आने वाले 1 जनवरी 2026 को 50 साल से कम आयु वाले पटवारियों की लिस्ट बनाई गई है. यही नहीं, विभाग ने कलेक्टरों से कहा है किटवारी संवर्ग में नियुक्ति जून 2007 या उससे पहले हुई है, उसका नाम भी सूची में जोड़ा जाए.
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