MP News: मध्य प्रदेश राजस्व विभाग ने तबादला अवधि समाप्त होने से तीन दिन पहले पटवारियों के अंतर-जिला संविलयन (तबादला) के लिए नई नीति-2026 जारी कर दी है. नई व्यवस्था के तहत किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा. साथ ही जिस जिले में संविलयन होगा, वहां की वरिष्ठता सूची के आधार पर उसकी सीनियरिटी तय की जाएगी. विभाग का कहना है कि पटवारी जिला संवर्ग का पद होने के कारण उनके लिए अलग संविलयन नीति लागू की गई है.
किन पटवारियों को मिलेगा संविलयन का लाभ
नई नीति के अनुसार पटवारी भर्ती परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्त हुए कर्मचारी अंतर-जिला संविलयन के पात्र होंगे. हालांकि वर्ष 2022 की परीक्षा के माध्यम से नियुक्त पटवारियों को भी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा. इसके लिए संबंधित जिले में रिक्त पद होना आवश्यक होगा.
विशेष परिस्थितियों में मिलेगी प्राथमिकता
यदि पति या पत्नी में से कोई शासकीय कर्मचारी है और दोनों की एक ही जिले में पदस्थापना आवश्यक है, तो ऐसे मामलों में संविलयन पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला पटवारियों को भी प्राथमिकता मिलेगी. कैंसर, किडनी रोग, डायलिसिस या ओपन हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित पटवारियों को भी रिक्त पद उपलब्ध होने पर तबादले का लाभ दिया जा सकेगा. आपसी सहमति के आधार पर होने वाले संविलयन के मामलों को भी अनुमति दी गई है.
नए जिले में पूरी होगी प्रोबेशन प्रक्रिया
संविलयन के बाद पटवारी की परिवीक्षा अवधि से संबंधित सभी कार्रवाई नए जिले में की जाएगी. विभागीय नियमों और शर्तों का पालन पूर्व जिले की तरह नए जिले में भी करना होगा. पुराने जिले को कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल, जांच, दंडात्मक कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक जानकारी नए जिले को उपलब्ध करानी होगी.
ऑनलाइन होंगे आवेदन
आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश द्वारा संविलयन के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. आवेदकों को अपनी आरक्षण श्रेणी, वर्ग, महिला, दिव्यांग या भूतपूर्व सैनिक जैसी स्थिति की जानकारी देनी होगी. आवेदन के साथ किसी प्रकार के दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
इन पर रहेगी रोक
जिन पटवारियों के खिलाफ लोकायुक्त या किसी अन्य एजेंसी में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, उन्हें संविलयन के लिए अपात्र माना जाएगा. संविलयन के अंतिम आदेश आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन द्वारा जारी किए जाएंगे. यह प्रक्रिया केवल रिक्त पदों की उपलब्धता और आरक्षण नियमों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी.
15 दिन में देनी होगी जॉइनिंग
जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार कलेक्टर के पास रहेगा, लेकिन किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में तैनात नहीं किया जाएगा. आदेश जारी होने के बाद संबंधित पटवारी को 15 दिनों के भीतर नए जिले में कार्यभार ग्रहण करना होगा. एक बार जिला आवंटित होने के बाद सामान्य परिस्थितियों में दोबारा जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं रहेगी. साथ ही आरक्षण नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार की पदस्थापना नहीं की जाएगी.
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