देवास कांड से पहले भी गई है पुलिसकर्मियों की जान, मुरैना से लेकर शहडोल तक तस्करों का कहर

Police Officers Killed by Smugglers: देवास से पहले भी तस्करों ने कई बार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है. खासकर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान IPS से लेकर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है. मुरैना से लेकर शहडोल तक शहादत दी है
Police Martyrdom Cases

IPS नरेंद्र कुमार सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान, ASI महेंद्र बागड़ी

Smugglers Targeting Police: मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव टीआई दिलीप पुरी के हत्याकांड ने सबको हिलाकर रख दिया है. बैतूल-इंदौर हाईवे पर अवैध शराब के परिवहन के दौरान तस्करों ने पुरी पर ट्रक चढ़ा दिया. गंभीर रूप से घायल पुलिस अधिकारी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उन्हें लगभग एक घंटे तक CPR दिया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

देवास से पहले भी तस्करों ने कई बार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है. खासकर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान IPS से लेकर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है. मुरैना से लेकर शहडोल तक शहादत दी है. ऐसे ही कुछ चर्चित मामले हैं, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.

पहला मामला: IPS नरेंद्र कुमार सिंह की मौत

तारीख: मार्च 2012
जगह: मुरैना जिले का बामौर

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने अवैध तरीके से पत्थरों का खनन करके परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की. चालक ने गाड़ी रोकने की जगह उन पर चढ़ा दी, जिससे उनकी मौत हो गई.

दूसरा मामला: पुलिस कॉन्स्टेबल की हत्या

तारीख: अप्रैल 2015
जगह: मुरैना जिला (चंबल संभाग)

अवैध रेत से लदे डंपर को आरक्षक धर्मेंद्र चौहान ने रोकने की कोशिश की. इससे उलट चालक ने डंपर को आरक्षक पर ही चढ़ा दिया. इससे पुलिसकर्मी की मौत हो गई.

तीसरा मामला: डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह कुशवाहा की हत्या

तारीख: सितंबर 2018
जगह: मुरैना जिला (चंबल अभयारण्य)

चंबल अभयारण्य घड़ियालों के लिए फेमस है. डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह कुशवाहा को सूचना मिली कि यहां से अवैध तरीके से रेत खनन करके ले जाया जा रहा है तो वे मौके पर पहुंचे. उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की. इस पर आरोपियों ने उनकी एक ना सुनी और उन्हें कुचल दिया. डिप्टी रेंजर शहीद हो गए.

चौथा मामला: पटवारी प्रसन्न सिंह बघेल की हत्या

तारीख: नवंबर 2023
जगह: शहडोल जिले का ब्यौहारी

पटवारी प्रसन्न सिंह बघेल अपने तीन साथियों के साथ सोन नदी से अवैध तरीके से खनन कर रहे लोगों को रोकने गए थे. आरोपियों ने ट्रक से कुचलकर पटवारी की हत्या कर दी थी.

पांचवां मामला: ASI महेंद्र बागड़ी की हत्या

तारीख: मई 2024
जगह: शहडोल जिले का ब्यौहारी

ब्यौहारी पुलिस थाने में तैनात ASI महेंद्र बागरी आरक्षकों के साथ ड्यूटी पर थे. एक अन्य मामले में आरोपी फरार आरोपी को पकड़ने गए थे. इसी दौरान उन्होंने खढौली गांव के पास ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन होते हुए देखा. पुलिस अधिकारी और उनकी टीम उसे रुकने के लिए इशारा किया. ड्राइवर राज रावत ने गाड़ी नहीं रोकी और एएसआई महेंद्र बागरी की कुचलकर हत्या कर दी.

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छठवां मामला: वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की हत्या

तारीख: अप्रैल 2026
स्थान: मुरैना जिला

चंबल नदी से अवैध रेत खनन करने से रोकने पर आरोपियों ने वनरक्षक हरिकेश गुर्जर को कुचलकर मार डाला.

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