MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 13 सितंबर को हुए आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के समय लगने वाले ‘जय जोहार’ के नारे पर अभद्र टिप्पणी करने और गाली-गलौज करने के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को बुधवार को सस्पेंड कर दिया. इसके साथ ही रतन सिंह के खिलाफ पुलिस कमिश्नर ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
पूरे मामले पर राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के सम्मान के लिए प्रतिबंद्ध है. उन्होंने कहा कि जांच में अन्य लोग भी यदि दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने कहा – मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मिसरोद थाना क्षेत्र में जो घटना हुई वह बेहद दुखद है. सीएम मोहन यादव ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर चर्चा भी की है. मुख्यमंत्री ने मामले में टीआई रतन सिंह परिहार को तत्काल निलंबित कर दिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
मंत्री ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं. ‘जय जोहार’ हम सबके लिए एक सम्मानीय उद्धोष है. मंत्री पटेल ने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं और जो भी इसमें दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी
उमंग सिंघार ने की FIR की मांग
घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा की संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ भोपाल पुलिस द्वारा ‘जोहार’ कहने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किए जाने की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है.
जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि हमारी आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है! यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है. हमारी संस्कृति और अस्मिता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ भोपाल पुलिस द्वारा ‘जोहार’ कहने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किए जाने की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है। जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि हमारी आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है! यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। हमारी संस्कृति और अस्मिता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी, वर्दी की ताकत का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए! कानून के रखवालों से कानून और संविधान के सम्मान की अपेक्षा है। यदि किसी पुलिसकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। हमारी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हमारा संघर्ष संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता के सम्मान के लिए है। जय जोहार! जय आदिवासी! जय संविधान! @CMMadhyaPradesh @DrMohanYadav51 @DGP_MP @INCIndia @INCMP #US13075
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 14, 2026
कानून और संविधान के सम्मान की अपेक्षा – उमंग सिंघार
मुख्यमंत्री, वर्दी की ताकत का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए. कानून के रखवालों से कानून और संविधान के सम्मान की अपेक्षा है. यदि किसी पुलिसकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए.
हमारी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. हमारा संघर्ष संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता के सम्मान के लिए है.
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