Uma Bharti Reservation Demand: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि आरक्षण रिफॉर्म तभी हो सकता है. जब एससी/एसटी के लोग जनरल सीट से चुनाव जीतने लग जाएं. जब तक एससी/एसटी के लोग सामान्य सीट से नहीं जीतेंगे. तब तक आरक्षण जारी रहेगा, चाहे 1 लाख साल ही क्यों न बीत जाएं. उमा भारती ने जातीय जनगणना को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा की दबाव बढ़ेगा तो जातीय जनगणना हो जाएगी.
ओबीसी समाज को लेकर उन्होंने कहा कि फिर समाज में ये भी हो जाएगा कि टिकट हमारा हो, हमारा नहीं हो. इन सबसे मुक्ति पाने का एक ही उपाय है कि जो मैंने सुना. जैसे कर्नाटक में प्रयोग हुआ है. लिंगायत समाज का शरद यादव भी मेरी बात का समर्थन करते हैं. कि सब लोग श्रीलंकी उपासना करने लगे और रोटी-बेटी का रिश्ता हो. उसका परिणाम यह निकला कि सब ओबीसी कहलाए और कुछ नहीं कहलाए. उनके बिना कोई मुख्यमंत्री नहीं बन पाता. दबाव बढ़ने पर जातीय जनगणना भी हो जाएगी.
जब तक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा… क्या मिलेगा… सारा प्राइवेट सेक्टर को सौंप दिया है…
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) September 1, 2026
उमा भारती pic.twitter.com/EfSm9lK9ij
आरक्षण को लेकर क्या कहा?
इस दौरान उन्होंने कहा कि आप पहले इस पर आ जाओ कि एक देवता, एक पूजा विधि और आपस में रोटी और बेटी. तब आपकी ताकत बढ़ जाएगी. इस दौरान उन्होंने कहा, आरक्षण में धरा क्या है? जब तक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा, क्या मिलेगा? आप सारा प्राइवेट सेक्टर के हाथों सौंप दिया है. सारी जमीनें प्राइवेट सेक्टर के हाथों सौंप दिया है. आपको बचा क्या है? आपको प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण मिलना चाहिए. 33 प्रतिशत आरक्षण इसी धोखे में पॉलिटिकल आ जाना है.
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ओबीसी को ओबीसी से शादी करने में क्या दिक्कत?
उमा भारती ने कहा कि मेरी इस बात से शरद यादव और नीतीश कुमार भी सहमत हो जाते हैं. पहले आप शुरुआत करो. वो तो अलग बात है कि ओबीसी की गणना करो, जातिगत गणना करो, लेकिन तुम लोग छोटी-छोटी बात पर लड़ पड़ते हो. इस दौरान उमा भारती ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि गांव में दो ओबीसी के लोग शादी करने के लिए लड़ गए थे. अरे भाई ये भी ओबीसी, वो भी ओबीसी शादी करने में क्या दिक्कत है.
