MP News: भोपाल, इंदौर सहित कई अन्य शहरों में बिना बिल्डिंग परमिशन के मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं. होटलों के बेसमेंट में रसोई बनाई गई है, पार्किंग की जगह पर स्टोर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. नगर निगम इन गतिविधियों को रोकने में कोई विशेष रुचि नहीं ले रहा है. इसका खुलासा सीएजी की रिपोर्ट में किया गया है.
अवैध कॉलोनियों पर नहीं हुई कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार भोपाल सहित कई महानगरों के प्लानिंग एरिया में बिना अनुमति के कॉलोनियां काटी जा रही हैं. निकायों ने इन्हें रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया. परिणामस्वरूप शहरों के आसपास अवैध कॉलोनियों का जाल तैयार हो रहा है. भोपाल के खजूरीकलां, भैंसाखेड़ी सहित 16 गांवों में 126 कॉलोनियां काटे जाने की शिकायतें राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम को दीं, लेकिन नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की.
नदी-नालों के नियमों की अनदेखी
सीएजी रिपोर्ट में बताया गया है कि नदी-नालों के किनारे से 9 से 15 मीटर तक की दूरी छोड़कर ही निर्माण किया जाना अनिवार्य है. सीएजी ने 185 प्रकरणों की जांच में पाया कि कॉलोनाइजरों, बिल्डरों और डेवलपर्स ने इस नियम का पालन नहीं किया. इसके कारण बारिश के दौरान शहरों में पानी घरों तक पहुंचने लगा है और बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है. कई स्थानों पर नालों को पाइपलाइन डालकर कंक्रीट से ढक दिया गया और उनका अन्य उपयोग किया जाने लगा.
उदाहरणों से सामने आई गंभीर लापरवाही
भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल ने पानी के प्राकृतिक प्रवाह के लिए निर्धारित दूरी नहीं छोड़ी. वहां नाला कंक्रीट से ढका हुआ पाया गया और प्राकृतिक जल प्रवाह को भी बदल दिया गया. इंदौर में मैसर्स ग्राफिक्स बिल्डकॉन प्रा.लि. ने नाला सीमा के भीतर ही कॉलोनी विकसित कर दी. उज्जैन के ऑर्थो अस्पताल ने भी नाले के किनारे भवन का निर्माण कर लिया.
भोपाल में राजहंस होटल के तलघर में किचन संचालित पाया गया. वहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही रैंप का निर्माण किया गया है. तलघर तक पहुंचने के लिए केवल सीढ़ियां बनाई गई हैं. उज्जैन में बालाजी अस्पताल ने तलघर का प्रावधान न होने के बावजूद 58.56 वर्ग मीटर क्षेत्र में तलघर का निर्माण किया. वहीं चोपड़ा चेस्ट अस्पताल में भी बिना अनुमति तलघर बनाया गया, जिसका उपयोग एक्स-रे उपकरणों के संचालन के लिए किया जा रहा है.
तलघर का दुरुपयोग
नियमों के अनुसार तलघर का उपयोग पार्किंग या हल्के उपयोग के कार्यों के लिए किया जाता है. इसके बदले बिल्डर को फ्लोर एरिया का लाभ दिया जाता है. लेकिन सीएजी की मौके पर तैयार की गई रिपोर्ट में पाया गया कि कई स्थानों पर तलघर में रसोई, व्यावसायिक गतिविधियां, ब्लड बैंक और कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा खाली स्थानों का उपयोग भी व्यावसायिक और निर्माण कार्यों के लिए किया जाना पाया गया.
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